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पलवल, 08 मार्च (हि.स.)। जिले के छांयसा गांव में सामने आए हेपेटाइटिस-बी के मामलों की जांच के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की टीमों ने गांव का दौरा किया। आईसीएमआर पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीमों ने रविवार काे गांव पहुंचकर हेपेटाइटिस-बी से प्रभावित मरीजों के सैंपल लिए और बीमारी से जुड़ी जानकारी जुटाई।
टीम में डॉ. वरुण, डॉ. गिरीश, डॉ. पार्थ और डॉ. संध्या शामिल रहे। उन्होंने हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों प्रकार के मरीजों के नमूने लेकर उनके स्वास्थ्य इतिहास की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही बीमारी से मृत हुए लोगों के परिजनों से भी बातचीत कर मामले से संबंधित तथ्य जुटाए। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) छांयसा के प्रभारी डॉ. देवेंद्र जाखड़ भी टीम के साथ मौजूद रहे।
जांच के दौरान टीम ने ग्रामीणों से एनर्जी ड्रिंक के सेवन को लेकर भी पूछताछ की। डॉक्टरों ने लोगों को नीम-हकीम और झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने से बचने की सलाह दी और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी गांव में लगातार सक्रिय हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सतेंद्र ने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और स्थिति सामान्य बनी हुई है।
इधर, छांयसा गांव में हुई असामान्य मौतों के मामले को विधानसभा में भी उठाया गया है। स्थानीय विधायक मोहम्मद इसराईल चौधरी, नूंह के विधायक आफताब अहमद, पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक अरोड़ा सहित अन्य विधायकों ने नियम 73 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
विधायक मोहम्मद इसराईल चौधरी ने बताया कि उन्होंने इस जनहित के मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण से अनुरोध किया है। स्पीकर इस विषय पर चर्चा के लिए समय सीमा निर्धारित करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग