चूरू में गौरव सेनानी समारोह: मुख्यमंत्री ने सैनिकों के योगदान को बताया राष्ट्र की प्रेरणा
-खेल स्टेडियम का नाम लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखने की घोषणा
गौरव सेनानी समारोह


गौरव सेनानी समारोह


चूरू/जयपुर, 08 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र सेवा में राजस्थान के वीरों की हमेशा अग्रणी भूमिका रही है। प्रदेश के लगभग हर गांव में ऐसा परिवार मिल जाएगा, जिसने देश सेवा के लिए सेना की वर्दी पहनी है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, वे जीवनभर राष्ट्रहित और समाजहित के लिए कार्य करते रहते हैं और उनका त्याग व बलिदान सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित गौरव सेनानी समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि चूरू के जिला खेल स्टेडियम का नाम 1971 के भारत-पाक युद्ध में साहसिक नेतृत्व देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चूरू और शेखावाटी की धरती ने हमेशा देशभक्ति की भावना को जीवंत रखा है। यहां के वीर सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया।

उन्होंने पीरू सिंह, मेजर शैतान सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान सपूतों ने राजस्थान का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि देश रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के साथ-साथ उनकी वीर नारियों और वीरांगनाओं का त्याग भी उतना ही प्रेरणादायी है। राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और उनसे सीधे संवाद भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्पलेक्स का निर्माण करवा रही है। पहले चरण में 36 करोड़ रुपये की लागत से जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनूं में ये कॉम्पलेक्स बनाए जाएंगे। इनमें जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, युद्ध स्मारक, सैनिक कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

इसके साथ ही जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम की स्थापना भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न विभागों में रेक्सको के माध्यम से नियोजित पूर्व सैनिकों के मानदेय में पिछले दो वर्षों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों की पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।

इसके अलावा आरटीडीसी के होटलों और गेस्ट हाउसों में वीरांगनाओं को 50 प्रतिशत तथा सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत छूट दी जा रही है।

सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर मनजिंदर सिंह ने कहा कि फौजी कभी अकेला नहीं रहता। गौरव सैनानी समारोह आपसी जुड़ाव और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन देश की सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों का सम्मान किया और उन्हें जॉब लेटर भी सौंपे। इस अवसर पर चूरू विधायक हरलाल सहारण, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया सहित जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिवारजन मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित