सोनीपत: व्हाट्सएप हैक कर 76 लाख ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा
सोनीपत, 08 मार्च (हि.स.)। सोनीपत पुलिस ने व्हाट्सएप हैक कर 76 लाख 20 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए रविवार को दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठग
सोनीपत:दिल्ली से गिरफ्तार         साइबर ठग


सोनीपत, 08 मार्च (हि.स.)। सोनीपत पुलिस ने व्हाट्सएप हैक कर 76 लाख 20 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले

अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए रविवार को दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार

किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी की गई राशि में से 43 लाख 43 हजार रुपये

बैंक खातों में फ्रीज करा दिए गए। इसके अलावा चार हजार 200 रुपये बैंक के माध्यम से

व नगद तथा दो मोबाईल फोन भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश

करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस आयुक्त ममता सिंह के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम कुशल पाल सिंह

के नेतृत्व में थाना साइबर सोनीपत की टीम ने यह सफलता प्राप्त की। पुलिस के अनुसार

25 फरवरी 2026 को सोनीपत की एक महिला ने शिकायत दी थी कि वह कुंडली स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स

कम्पनी में लेखाकार के रूप में कार्यरत है। उसके पास कम्पनी का अधिकृत मोबाईल फोन है,

जिसमें उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी का नम्बर एक नाम से सेव किया हुआ था।

शिकायत के अनुसार उसी नम्बर से व्हाट्सएप पर भुगतान से संबंधित संदेश प्राप्त

हुआ। संदेश को वास्तविक समझकर उसने बताए गए बैंक खाते में राशि स्थानांतरित कर दी।

बाद में पता चला कि वरिष्ठ अधिकारी का व्हाट्सएप नम्बर किसी व्यक्ति ने हैक कर लिया

था और उसी के माध्यम से धोखे से भुगतान करवाया गया। जांच में सामने आया कि ठगों ने

एक फर्जी कम्पनी के नाम से दस्तावेज तैयार कर बैंक खाता खुलवाया और उसी खाते में

76 लाख 20 हजार रुपये की राशि डलवा ली, जबकि शिकायतकर्ता की कम्पनी का उस फर्म से कोई

लेन-देन नहीं था। मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर

दो शादरा, दिल्ली निवासी रमेश व जामा मस्जिद,

दिल्ली निवासी शबान को दिल्ली से गिरफ्तार किया। सोनीपत पुलिस ने लोगों से अपील की

है कि किसी भी अंजान लिंक, कॉल या संदेश पर भरोसा न करें, निवेश या व्यापार से जुड़े

प्रस्तावों की स्वयं जांच करें और अधिक मुनाफे के झांसे में न आएं।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना