अपहरण की कहानी निकली झूठी, 1.28 करोड़ रुपये लेकर लापता सत्यप्रकाश साह यूपी से बरामद
भागलपुर, 08 मार्च (हि.स.)। जिले के तिलकामांझी थाना क्षेत्र से 1 करोड़ 28 लाख 16 हजार रुपये की जमीन डील के बाद लापता हुए सत्यप्रकाश साह को पुलिस ने करीब छह महीने बाद उत्तर प्रदेश के वृंदावन से बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले में अपहरण की जो कहानी सा
पुलिस हिरासत में आरोपी


भागलपुर, 08 मार्च (हि.स.)। जिले के तिलकामांझी थाना क्षेत्र से 1 करोड़ 28 लाख 16 हजार रुपये की जमीन डील के बाद लापता हुए सत्यप्रकाश साह को पुलिस ने करीब छह महीने बाद उत्तर प्रदेश के वृंदावन से बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले में अपहरण की जो कहानी सामने आई थी, वह अब झूठी साबित हुई है।

बताया जा रहा है कि मुंदीचक निवासी डॉक्टर कुंदन साह ने 31 जुलाई 2025 को सत्यप्रकाश साह से केवाला के माध्यम से जमीन खरीदी थी। जमीन की कुल कीमत 1 करोड़ 28 लाख 16 हजार रुपये तय हुई थी, जिसकी पूरी राशि डॉक्टर कुंदन साह ने एक्सिस बैंक के चेक के जरिए सत्यप्रकाश साह को दे दी थी। जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद खरीदार को जमीन का कब्जा नहीं मिल पाया। इसी बीच अचानक सत्यप्रकाश साह लापता हो गए, जिसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

शुरुआत में इस घटना को अपहरण से जोड़कर देखा जा रहा था और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तिलकामांझी थाना पुलिस ने जांच शुरू की और सत्यप्रकाश साह की तलाश तेज कर दी पुलिस की टीम ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर सत्यप्रकाश साह का लोकेशन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में ट्रेस किया। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें बरामद कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिस टीम का नेतृत्व एसआई शशि भूषण कुमार कर रहे थे। बरामदगी के बाद सत्यप्रकाश साह को रविवार को भागलपुर लाया गया, जहां कोर्ट में उनका बयान दर्ज कराया गया।

कोर्ट में दिए गए अपने बयान में सत्यप्रकाश साह ने कहा कि उनका किसी ने अपहरण नहीं किया था। उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी से परेशान होकर घर छोड़कर वृंदावन के एक आश्रम में रहने चले गए थे। सत्यप्रकाश साह के इस बयान के बाद अपहरण की कहानी पूरी तरह से खारिज हो गई है। हालांकि अब पुलिस पूरे मामले की कानूनी पहलुओं से जांच कर रही है, खासकर जमीन सौदे और पैसे के लेन-देन को लेकर। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जमीन का कब्जा क्यों नहीं दिया गया और इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर