पुरी में मुख्यमंत्री ने जारी की ‘सुभद्रा योजना’ की चौथी किस्त, 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में ₹5106 करोड़
भुवनेश्वर, 08 मार्च (हि.स.)। केवल डेढ़ वर्ष के भीतर हमारी माताओं के लिए ‘सुभद्रा योजना’ एक अद्भुत सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का संदेशवाहक बन चुकी है। आने वाले दिनों में अधिक से अधिक महिलाएं इस परिवर्तन यात्रा से जुड़ेंगी। यह बात मुख्यमंत्री मोहन चरण म
पुरी में मुख्यमंत्री ने जारी की ‘सुभद्रा योजना’ की चौथी किस्त


भुवनेश्वर, 08 मार्च (हि.स.)। केवल डेढ़ वर्ष के भीतर हमारी माताओं के लिए ‘सुभद्रा योजना’ एक अद्भुत सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का संदेशवाहक बन चुकी है। आने वाले दिनों में अधिक से अधिक महिलाएं इस परिवर्तन यात्रा से जुड़ेंगी। यह बात मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सुभद्रा योजना के अंतर्गत चौथी किस्त के वितरण कार्यक्रम में कही।

इस अवसर पर पुरी में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चौथे चरण में 1,12,12,665 सुभद्रा लाभार्थियों को प्रत्येक को 5,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की। कुल मिलाकर 5,106 करोड़ 33 लाख 25 हजार रुपये की राशि लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई। इनमें से केवल पुरी जिले के 4,20,854 लाभार्थी शामिल हैं।

उपस्थित सुभद्रा बहनों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने में सुभद्रा योजना अत्यंत सफल सिद्ध हुई है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करने के साथ उन्हें एक अलग पहचान दी है। आज यह योजना महिलाओं के लिए आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है।

सुभद्रा योजना के माध्यम से सफलता प्राप्त करने वाली महिलाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुभद्रा योजना इसका एक सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अनेक जिलों की महिलाएं इस सहायता राशि का उपयोग कर मशरूम उत्पादन, पोल्ट्री पालन, बांस आधारित व्यवसाय और छोटे-छोटे उद्यम शुरू कर सफलता की मिसाल पेश कर रही हैं।

उन्होंने आगे बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट, संबलपुर की एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 25.52 प्रतिशत लाभार्थियों ने सुभद्रा सहायता राशि का उपयोग व्यवसाय शुरू करने के लिए किया है, जबकि 35.7 प्रतिशत महिलाओं ने इसे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में लगाया है। इसके अलावा कई महिलाओं ने इस राशि का उपयोग ऋण चुकाने, बचत बढ़ाने और कौशल विकास के लिए भी किया है, जिससे उन्हें परिवार और समाज में अधिक सम्मान और स्वीकृति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2036 तक समृद्ध ओडिशा और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत का निर्माण महिलाओं के नेतृत्व में ही संभव है। वर्तमान में राज्य में लगभग 17 लाख ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और वर्ष 2047 तक 60 लाख ‘लखपति दीदी’ तथा 10 लाख ‘मिलेनियर दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इनमें ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं की सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण पहल हैं।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण उनकी सरकार के लिए केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक दृढ़ प्रतिबद्धता है। महिलाओं के आत्मविश्वास और परिश्रम से एक सशक्त और समृद्ध ओडिशा का निर्माण होगा। उन्होंने हाल ही में द्रौपदी मुर्मु के साथ पश्चिम बंगाल में हुए कथित असम्मान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल राष्ट्रपति ही नहीं बल्कि पूरे देश और महिला समाज का अपमान है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुभद्रा समीक्षा रिपोर्ट, महिला एवं बाल विकास विभाग की एक कॉफी-टेबल बुक तथा बाल विवाह रोकथाम पर तैयार एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रभाती परिडा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत आज महिलाओं के लिए जो सोच रहा है, उससे कहीं आगे ओडिशा की महिलाएं ‘मां सुभद्रा’ के आशीर्वाद से बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सुभद्रा योजना ने राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई पहचान दी है। पहले तीन चरणों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है और चौथे चरण की यह सहायता महिलाओं के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एचपीवी वायरस वैक्सीन के लिए धन्यवाद देते हुए राज्य की सभी 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को यह टीका लगवाने के लिए सुभद्रा माताओं से आग्रह किया।

कार्यक्रम में पुरी के सांसद संबित पात्र ने कहा कि ओडिशा सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम अद्वितीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘लखपति दीदी’ के निर्माण में ओडिशा पूरे भारत में अग्रणी स्थान हासिल करेगा।

इस अवसर पर ब्रह्मगिरि विधायक उपासना महापात्र पिपिली विधायक आश्रित पटनायक , सत्यवादी विधायक ओम प्रकाश मिश्र तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मनीषा बनर्जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। विभिन्न जिलों में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रमों में भी मंत्रियों ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो