Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

हल्द्वानी , 08 मार्च (हि.स.)। संत निरंकारी मिशन के संयोजक क्षेत्र हल्द्वानी के तत्व धान में एक विशाल निरंकारी महिला संत समागम का आयोजन कालाढूंगी क्षेत्र के एक निजी बैंकेट हॉल में किया गया । जिसमें संयोजक क्षेत्र हल्द्वानी की सभी ब्रांचों ने भाग लिया।
इस विशाल निरंकारी महिला संत समागम में मिशन कि प्रचारक बहन श्रीमती गीता आर्य जी ने सत्संग को संबोधित करते हुए अपने विचारों में कहा है कि संत निरंकारी विचारधारा के अनुसार मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य आत्मज्ञान प्राप्त करना और परमात्मा की सच्ची पहचान करना है। संतों और सतगुरु की कृपा से ही मनुष्य को परमात्मा का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है। जब मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त करता है, तब उसके जीवन में प्रेम, नम्रता, सेवा और मानवता के गुण विकसित होते हैं।
इस ज्ञान के बिना व्यक्ति अहंकार, भेदभाव और अज्ञान में भटकता रहता है। निरंकारी मिशन यह भी संदेश देता है कि सभी मनुष्य एक ही परमात्मा की संतान हैं, इसलिए आपसी प्रेम, भाईचारा और समानता बनाए रखना आवश्यक है। संतों के उपदेश हमें यह सिखाते हैं कि सच्चा धर्म बाहरी दिखावे में नहीं बल्कि आंतरिक शुद्धता, अच्छे कर्म और मानव सेवा में है।
उन्होंने अपने विचारों में यह भी बताया गया है कि मनुष्य का मन अक्सर सांसारिक इच्छाओं और अहंकार में उलझा रहता है। जब सतगुरु के मार्गदर्शन से आत्मचिंतन और आत्ममंथन किया जाता है, तब मन की अशुद्धियाँ धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और व्यक्ति सच्चे ज्ञान की ओर बढ़ता है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता