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इटानगर, 08 मार्च (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पश्चिम बंगाल में संथाल संस्कृति से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुई घटनाओं की कड़ी निंदा की और कहा कि जिस घटना की वजह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया, उससे पूरे देश के लोग दुखी हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में, खांडू ने आज कहा कि इस स्थिति ने राज्य में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के काम करने के तरीके पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह खास तौर पर दुखद है कि राष्ट्रपति, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से आती हैं, को संथाल संस्कृति और आदिवासी विरासत का जश्न मनाने के लिए आयोजित किये गए एक कार्यक्रम के दौरान सबके सामने अपनी निराशा जाहिर करनी पड़ी।
खांडू ने कहा कि यह घटना आदिवासी समुदायों के साथ-साथ राष्ट्रपति के कार्यालय से जुड़े संवैधानिक प्रोटोकॉल के प्रति संवेदनशीलता की कमी को दिखाती है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और हमारे देश की एकता, गरिमा और लोकतांत्रिक भावना का प्रतीक है। कोई भी काम या लापरवाही जो इस कार्यालय की पवित्रता को कम करती है, उसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास एक आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में कम लोगों के आने पर निराशा जताई और जगह को बिधाननगर से बदलने के फैसले पर सवाल उठाया।
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की गैरमौजूदगी पर भी ध्यान दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय