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बीकानेर, 08 मार्च (हि.स.)। बढ़ते तापमान के मद्देनजर रबी फसलों के संरक्षण के लिए किसानों को विशेष फसल प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी के अनुसार तापक्रम में निरंतर वृद्धि से फसलों में दाना भराव तथा उत्पादन नकारात्मक रूप से प्रभावित होने की आंशका रहती है। ऐसे में समय पर वैज्ञानिक प्रबंधन अपना कर किसान होने वाले नुकसान से बच सकते हैं।
कृषि विभाग द्वारा जारी सलाह के अनुसार किसानों को फसलों में लगातार हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहे और गर्मी का प्रभाव कम हो सके।
किसानों को पत्तों पर छिड़काव अपनाने की सलाह दी गई है। किसान 100 लीटर पानी में 2 किलोग्राम यूरिया मिलाकर प्रति बीघा पर्णीय छिड़काव कर सकते हैं। गेहूं फसल के लिए 100 लीटर पानी में 2 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट मिलाकर प्रति बीघा पत्तियों पर छिड़काव किया जा सकता है।
8 ग्राम सेलिसिलिक अम्ल को 225 मिलीलीटर इथाइल अल्कोहल (स्प्रिट) में घोलकर 100 लीटर पानी में मिला प्रति बीघा छिड़काव किया जा सकता है। 200 ग्राम पोटेशियम अथवा कैल्शियम क्लोराइड को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति बीघा पर्णीय छिड़काव कर भी फसलों की सुरक्षा की जा सकती हैं।
एडवाइजरी के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर किसी एक छिड़काव को 15 दिन के अंतराल से दोहराया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ये सभी छिड़काव गेहूं की अंतिम पत्ती के विकास में सहायक होते हैं, जिससे दानों का भराव अच्छा होता है और उत्पादन में वृद्धि मिलती है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर इन उपायों को अपना फसलों को सुरक्षित रखें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव