असम में ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के सातवें दिन उमड़ा जनसैलाब, लोगों के उत्साह से मुख्यमंत्री को मिला नया संकल्प
गुवाहाटी, 08 मार्च (हि.स.)। असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के सातवें दिन रविवार को नागरिकों का अभूतपूर्व उत्साह और समर्थन देखने को मिला। यात्रा की शुरुआत मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से हुई, जिसे कोयले की खदानों
असमः भाजपा के जन आशीर्वाद यात्रा में लोगों का अभिवाद करते मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा एवं प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया


गुवाहाटी, 08 मार्च (हि.स.)। असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के सातवें दिन रविवार को नागरिकों का अभूतपूर्व उत्साह और समर्थन देखने को मिला। यात्रा की शुरुआत मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से हुई, जिसे कोयले की खदानों के कारण “ब्लैक डायमंड्स का शहर” कहा जाता है। यह यात्रा ऐतिहासिक तेल नगरी डिगबोई से गुजरते हुए माकुम विधानसभा क्षेत्र में जाकर संपन्न हुई।

इस यात्रा के दौरान लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा का गर्मजोशी से स्वागत किया। जनता के उत्साह और भागीदारी ने मुख्यमंत्री को राज्य के विकास और प्रगति के लिए कार्य जारी रखने के लिए नई ऊर्जा और संकल्प प्रदान किया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद दिलीप सैकिया मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख सहयोगी के रूप में मौजूद रहे और यात्रा में नेतृत्व के साथ समर्थन प्रदान करते रहे।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने कहा कि आगामी चुनावों की दिशा में समाज के सभी वर्गों के लोग उत्साहपूर्वक ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ में भाग ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे भाजपा और अधिक मजबूत हुई है और विपक्षी दल रक्षात्मक स्थिति में आ गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पिछले सात दिनों में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने 800 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की और 25 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में सीधे जनता से संवाद किया। इस दौरान जनता ने उन्हें भावनात्मक गर्मजोशी और स्नेह के साथ स्वागत किया। कई स्थानों पर माताओं ने उन्हें पुत्र के रूप में गले लगाया, बुजुर्गों ने भाई की तरह आशीर्वाद दिया, जबकि युवाओं ने उन्हें बड़े भाई के रूप में स्वीकार किया। वहीं स्कूली बच्चों ने उन्हें स्नेहपूर्वक “मामा” कहकर संबोधित करते हुए राज्य के विकास के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।

यात्रा के दौरान कई भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले। कुछ लोग विवाह समारोहों से समय निकालकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। वहीं कई नागरिकों ने सरकार की उद्यमिता योजनाओं के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। कुछ स्थानों पर लोगों ने उनके हाथ पकड़कर नाम-घोषा का पाठ करते हुए उनकी सफलता और कुशलता की कामना की।

इस राजनीतिक कार्यक्रम ने राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना दिया है। ऊपरी असम से लेकर निचले असम तथा बराक घाटी से ब्रह्मपुत्र घाटी तक ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। भारी जनभागीदारी से भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और विपक्ष पर भी दबाव बना है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य की विपक्षी पार्टियां पहले से ही सीट बंटवारे को लेकर आंतरिक मतभेदों से जूझ रही हैं और एक मजबूत संयुक्त मोर्चा पेश करने में असफल रही हैं। उनके अनुसार, असम की जनता कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोपों और दुष्प्रचार को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के प्रति अपना समर्थन व्यक्त कर रही है।

इस बीच, असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई द्वारा ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ को “अशुभ यात्रा” कहे जाने पर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का दावा है कि डिब्रूगढ़ सहित कई क्षेत्रों में यात्रा में उमड़ी भीड़ ने विपक्ष के दावों को कमजोर कर दिया है और लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य के विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय