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अजमेर, 6 मार्च (हि.स.)। राजस्थान के अजमेर स्थित आदर्शनगर पुलिस थाना क्षेत्र अन्तर्गत नेशनल हाईवे पर अहमदाबाद से सीकर की ओर जा रही वीडियो कोच बस के चालक अहमदाबाद निवासी विजय सिंह को चलती बस में हार्ट अटैक आने पर बस डिवाइडर पर चढ़कर पलटी मार गई। हादसे में बस चालक की मौत हो गई एवं बस में सवार करीब 25 महिला, पुरुष, बच्चे घायल हो गए।
पुलिस उप अधीक्षक अजमेर दक्षिण मनीष बडगुर्जर के अनुसार बस में अहमदाबाद निवासी ब्रजमोहन अग्रवाल के परिवारजन सवार थे जो 7 मार्च को निश्चित बेटी की शादी के लिए सीकर जा रहे थे। घायलों में कुछ को छोड़ कर अधिकांश को अजमेर के राजकीय जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद उनके आग्रह पर सीकर के लिए रवाना कर दिया गया। शेष में एक का उपचार यहां जारी है। अभिषेक अग्रवाल को अहमदाबाद ले जाया गया है।
आदर्श नगर थाने के सब इंस्पेटर दिलीप मुक्कड़ ने जानकारी दी कि बस में सवार घायलों ने उन्हें बताया की अल सबुह करीब साढ़े तीन बजे के आस पास ड्राइवर जब बस चला रहा था तब बस लहराने लगी। तभी एक व्यक्ति ने ड्राइवर से जानकारी लेना चाहा तो चलती बस में ही ड्राइवर लुढ़क गया। तब पता चला की ड्राइवर की मौत हो चुकी है। बस रुकती इससे पहले ही आदर्श नगर पुलिया पर लगे विज्ञापन के बोर्ड से बस टकरा गई। बस के पलटने से बस में सवार अधिकांश लोग जख्मी हो गए। और मौके पर चीख पुकार होने लगी। किसी तरह राहगीर और पुलिस के सहयोग से एम्बुलेंस की सहायता मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उपअधीक्षक ने बताया कि मृतक की शिनाख्त उसके जेब में मिले आधारकार्ड के आधार पर हुई है। साठ वर्षीय विजय के परिवारजनों को अहमदाबाद इतला कर दी गई है। उनके आने पर पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शी घायलों में से एक प्रकाश अग्रवाल के पुत्र अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि अजमेर का जवाहरलाल नेहरू राजकीय अस्पताल सभी घायलों के लिए देव दूत ही साबित हुआ। अल सुबह जब सभी नींद में थे, उपचार मिलने की उम्मीद कम ही थी ऐसे में अस्पताल की कैज्युलटी में कई डाक्टर और नर्सिंग कर्मी घायलों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, जैसे ही घायल पहुंचे उन्होंने टीम भावना से उपचार शुरू कर दिया। कैज्यूलटी में ही 30 वर्षीय अभिषेक अग्रवाल के एक पैर को काटा गया। जबकि दूसरे पैर को बचाने के लिए कोशिश की गई। 2 वर्षीय केशवी अग्रवाल को वेंटिलेटर पर रखा गया क्योंकि उसके सिर में गंभीर चोटें आयी।
अंधेरे में ही अस्पताल के प्राचार्य डॉक्टर अनिल सामरिया और अजमेर की सीएमएचओ डॉक्टर ज्योत्सना रंगा अस्पताल आए और कैज्युलटी में भर्ती एक-एक मरीज के बारे में जानकारी ली। दोनों ने निर्देश दिए कि हर मरीज हर संभव इलाज किया जाए। इस बीच डीएसपी मनीष भी अस्पताल आ गए। सभी 25 से अधिक जख्मी मरीजों का इलाज सरकारी अस्पताल में प्राथमिकता से साथ किया गया। अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक संजय पाठक ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल 2 वर्षीय केशवी के माता-पिता की सहमति से केशवी को जेएलएन अस्पताल से निजी क्षेत्र के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी प्रकार अभिषेक अग्रवाल को भी परिजनों के आग्रह पर अहमदाबाद रवाना किया गया है।
सड़क दुर्घटना में घायलों में अभिषेक अग्रवाल, केशवी, रेणू, विजय, ब्रजमोहन अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, दिनेश, किरण, ब्रज मोहन पटेल, जीतू महाराज, मयूर चौहान, दिनेश अग्रवाल, आशा मोयल, जतिन, तापत, वंदना, खेमचंद अग्रवाल, दुरल अग्रवाल, दिनेश, सुनीता, उत्सव जोशी, हरीश, अंजली, नवीन, हिमांशु आदि शामिल है। इनमें से अधिकांश अहमदाबाद निवासी है।
सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ही सर्वाधिक मायने रखती है, लेकिन इस हादसे में हुआ यह कि दुर्घटना पीड़ितों को राह से गुजर रहे अन्य लोगों ने ही अल सुबह एम्बुलेंस की व्यवस्था कर 4 बजे तक अस्पताल पहुंचा दिया, और अधिकांश घायल सुबह नौ से दस बजे तक प्राथमिक उपचार के बाद अपने गंतव्य को रवाना भी हो गए। सुबह करीब 11 बजे जब घायल अभिषेक अग्रवाल को आईसीयू एंबुलेंस में शिफ्ट किया जा रहा था तब आदर्श नगर पुलिस अस्पताल आयी और कानूनी कार्यवाही करने के लिए अभिषेक अग्रवाल को रोकने का प्रयास करने लगी। पुलिस का कहना रहा कि उन्हें मौका-मुआयना करना है और अस्पताल के चिकित्सकों से मरीजों के इलाज की जानकारी लेनी हैं इसलिए मरीजों को अस्पताल में ही रोका जाए। हालांकि आदर्श नगर पुलिस के आने से पहले अधिकांश मरीज अस्पताल से जा चुके थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष