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श्रीनगर, 6 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री सकीना इटू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर कश्मीर डिवीजन में छात्रों की कठिनाइयों को देखते हुए नीट - यूजी 2026 के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री को संबोधित एक पत्र में जम्मू-कश्मीर मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जम्मू-कश्मीर में, विशेष रूप से कश्मीर डिवीजन से कई छात्रों को कुछ क्षेत्रों में 2जी स्पीड तक सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रतिबंधों के कारण अपने ऑनलाइन आवेदन जमा करते समय महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि धीमी इंटरनेट कनेक्टिविटी ने उम्मीदवारों के लिए तकनीकी बाधाएं पैदा की हैं जिनमें ओटीपी सत्यापन की समस्याएं और दस्तावेजों को अपलोड करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया को पूरा करने में देरी शामिल है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल शिक्षा और संबंधित पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने के इच्छुक छात्रों के लिए एनईईटी-यूजी एक महत्वपूर्ण परीक्षा है और कनेक्टिविटी मुद्दों के कारण आवेदन जमा करने में कोई भी असमर्थता उनकी शैक्षणिक संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
सकीना इटू ने आगे कहा कि बड़ी संख्या में छात्र, विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, ऑनलाइन आवेदन पोर्टल तक पहुंचने के लिए स्थिर इंटरनेट सेवाओं पर निर्भर हैं।
छात्रों द्वारा उठाई गई वास्तविक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्रालय से नीट - यूजी2026 आवेदन जमा करने की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया ताकि जम्मू और कश्मीर के सभी पात्र उम्मीदवारों को आवेदन करने का उचित अवसर मिल सके। मंत्री ने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय मंत्रालय छात्रों के हित में अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी अभ्यर्थी तकनीकी या कनेक्टिविटी मुद्दों के कारण अवसर से वंचित न रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता