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- निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से जुड़ने का सीधा मौका
- खाद्य मंत्री राजपूत ने की मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों की समीक्षा
भोपाल, 06 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए एक अनूठी पहल करने जा रही है। अब प्रदेश के छात्रों को रोजगार की तलाश, कैरियर का चुनाव और मानसिक मार्गदर्शन के लिए दर-दर नहीं भटकना होगा। सागर में आयोजित होने जा रहे ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी और रोजगार मेले के उद्घाटन में एक छत के नीचे युवाओं को रोजगार, काउंसिलिंग और कैरियर गाइडेंस का संगम देखने को मिलेगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार और रोजगार उन्मुख कार्यक्रमों से जोड़ना है। कार्यक्रम में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की नामी कंपनियां शिरकत करेंगी, जिससे युवाओं को सीधे इंटरव्यू और जॉब ऑफर मिलने का रास्ता साफ होगा। यहां विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी मिलेगा। केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं के मानसिक और प्रोफेशनल विकास के लिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष काउंसिलिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। मंत्री राजपूत ने 11 मार्च 2026 को सागर (जेरई) स्थित ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी के उद्घाटन समारोह की तैयारी को लेकर अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण भी किया।
फ्यूचर-रेडी स्किल्स
उभरते हुए आधुनिक क्षेत्रों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों से छात्रों को अवगत कराया जाएगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी
मंत्री राजपूत ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया जाए कि हर आने वाले छात्र को उसका लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों को आयोजन स्थल पर युवाओं की सुविधाओं, बैठने की व्यवस्था और कंपनियों के समन्वय को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बने। यह आयोजन युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला साबित होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डेटा साइंस या प्रतियोगी परीक्षाओं की भी मिलेगी जानकारी
कलेक्टर संदीप जी आर ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उसमें केवल पारंपरिक शिक्षा काफी नहीं है; भविष्य की स्किल्स पर पकड़ बनाना अनिवार्य हो गया है। स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक कोर्स की जानकारी मिल सकेगी। जिले के अनुभवी अधिकारियों, मेधावी विद्यार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 'टिप्स और ट्रिक्स' साझा किये जाएंगे। डिजिटल साक्षरता के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की डिजिटल खाई को कम करने के प्रयास किये जायेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत