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नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई दी।
सिरसा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि तरनजीत सिंह संधू का करियर और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा स्वयं ही सब कुछ बयां करती है। उन्होंने कहा कि तरनजीत सिंह संधू गुरुद्वारा सुधार आंदोलन के सबसे सम्मानित व्यक्तित्वों में से एक, महान सिख नेता सरदार तेजा सिंह समुंदरी के पोते हैं।
सिरसा ने कहा कि जब ब्रिटिश काल में वायसराय भवन के चारों ओर निर्माण के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की चारदीवारी ध्वस्त कर दी गई थी, तब सिख समुदाय ने सरदार तेजा सिंह समुंदरी जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन किया था। वे अकाली आंदोलन के भी प्रमुख नेता थे, और उनके अथक संघर्ष ने 1925 के सिख गुरुद्वारा अधिनियम को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने यह सुनिश्चित किया कि ऐतिहासिक गुरुद्वारों का प्रबंधन सिख समुदाय द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के माध्यम से किया जाएगा। संधू के पिता बिशन सिंह समुंदरी गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रहे हैं।
सिरसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में सरदार तरनजीत सिंह संधू की नियुक्ति के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह निर्णय सिख समुदाय और अधिकारों एवं गरिमा के लिए सिखों के ऐतिहासिक संघर्ष के प्रति प्रधानमंत्री के गहरे सम्मान को दर्शाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव