मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की तस्वीर व तकदीर दोनों बदलने का काम किया : राजीव रंजन साह
सहरसा, 06 मार्च (हि.स.)। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वर्ष 2005 से अब तक का नेतृत्व राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा।उन्होंने कहा कि जिस समय बिहार निराशा, अव्यवस्था
राजीव रंजन साह


सहरसा, 06 मार्च (हि.स.)। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वर्ष 2005 से अब तक का नेतृत्व राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा।उन्होंने कहा कि जिस समय बिहार निराशा, अव्यवस्था और पिछड़ेपन की पहचान बन चुका था।उस दौर में नीतीश कुमार ने सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता की नई राह दिखाने का साहसिक कार्य किया।

राजीव रंजन साह ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था जैसे अनेक क्षेत्रों में किए गए कार्यों ने बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम किया है। बालिका साइकिल योजना जैसी पहल से जहां लड़कियों की शिक्षा को नई गति मिली,वहीं अल्पसंख्यक समाज के लिए कब्रिस्तानों की घेराबंदी और मुस्लिम महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम भी उल्लेखनीय रहे।

उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का स्थान जननायक कर्पूरी ठाकुर की तरह सम्मान और श्रद्धा के साथ लिया जाएगा।उनकी जनकल्याणकारी नीतियों ने समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का काम किया है।भाजपा नेता ने कहा कि नीतीश कुमार एक नाम नहीं बल्कि विकास और सुशासन के पर्याय बन चुके हैं।उन्होंने समाजवाद और समता आधारित समाज की स्थापना के लिए लगातार कार्य किया है.शराबबंदी,“सात निश्चय” योजना, महिला सशक्तिकरण, बिजली-सड़क जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार तथा कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे फैसले उनके नेतृत्व की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

राजीव रंजन साह ने कहा कि बिहार की माटी को सोना बनाने वाले इस महान शिल्पकार के प्रति यहां का कण-कण कृतज्ञ है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जदयू के नेताओं ललन सिंह, संजय झा, अशोक चौधरी और विजय चौधरी को लेकर तंज कस रहे हैं लेकिन यह समझना होगा कि गठबंधन की राजनीति में कई निर्णय परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते हैं और बहुत सी बातें पर्दे के पीछे रहती हैं।उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार पत्थर पर लिखी हुई लकीर की तरह हैं।जिन्हें मिटाना आसान नहीं है। बिहार के लोग निश्चिंत रहें कि उनका यह माटी का सपूत जहां भी रहेगा बिहार के मान-सम्मान और स्वाभिमान को हमेशा ऊंचा रखने का काम करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार