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जम्मू, 06 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर इकाई ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त सड़कों पर लगाई जा रही विशाल एलईडी स्क्रीन बोर्डों की कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्टी ने इसे जनता के टैक्स के पैसे की फिजूलखर्ची और वाहन चालकों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ करार दिया है।
प्रदेश केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि किसी भी “स्मार्ट सिटी” का वास्तविक अर्थ गड्ढा मुक्त सड़कें, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था, हर घर तक स्वच्छ पेयजल, बिना कटौती के बिजली आपूर्ति, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, विश्वस्तरीय सरकारी अस्पताल और आम नागरिकों के लिए सुलभ मोहल्ला क्लीनिक जैसी बुनियादी सुविधाओं से होना चाहिए।
साहनी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन इन मूलभूत नागरिक समस्याओं के समाधान के बजाय करोड़ों रुपये खर्च कर शहर की व्यस्त सड़कों और चौराहों पर एलस्क एलईडी न लगाने में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि व्यस्त चौराहों पर इस प्रकार की एलईडी स्क्रीन वाहन चालकों का ध्यान भटका सकती हैं जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उनके अनुसार यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा मानकों और मोटर वाहन अधिनियम।1988 की भावना के भी विपरीत है।
साहनी ने आरोप लगाया कि प्रशासन जनता की सुरक्षा की अनदेखी कर राजस्व कमाने को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने मांग की कि शहर में लगाई जा रही सभी एलईडी स्क्रीन का तत्काल रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर जम्मू नगर निगम आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है।
साहनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन जनता की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी करता रहा तो शिवसेना (यूबीटी) केवल प्रतीकात्मक विरोध तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सड़कों पर उतरकर जोरदार लोकतांत्रिक आंदोलन छेड़ेगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर भरत गुप्ता , संजय भटट्, अदित्य महाजन उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता