बीआईटी मेसरा में ‘जड़ों से नवजागरण’ विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू
रांची, 06 मार्च (हि.स.)। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा (बीआईटी मेसरा) में शुक्रवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। “जड़ों से नवजागरण : झारखंड में जनजातीय विरासत, नवाचार और डिजिटल उद्यमिता को जोड़ने की पहल” विषय पर आधारित य
कार्यशाला में जुटे छात्र-छात्राएं सहित अन्य लोगों की तस्वीर


रांची, 06 मार्च (हि.स.)। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा (बीआईटी मेसरा) में शुक्रवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। “जड़ों से नवजागरण : झारखंड में जनजातीय विरासत, नवाचार और डिजिटल उद्यमिता को जोड़ने की पहल” विषय पर आधारित यह कार्यशाला 6 से 8 मार्च 2026 तक आयोजित की जा रही है।

इस कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक तथा डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के तरीकों पर चर्चा करना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पद्मश्री सम्मानित लोकगायक मधु मंसूरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक आसिफ अकरम विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर मधु मंसूरी ने युवाओं से अपनी जड़ों और जनजातीय परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया और अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने की प्रेरणा दी। वहीं आसिफ अकरम ने जनजातीय ज्ञान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला के दौरान सोहराय पेंटिंग, मिट्टी के बर्तन बनाना, मास्क निर्माण और जनजातीय भोजन परंपराओं पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक झूमर नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. संजय झा, डॉ. निशिकांत दुबे, डॉ. मृणाल पाठक सहित कई शिक्षाविद, कलाकार और शोधकर्ता उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar