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जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सके और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।
शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक राजेन्द्र गुर्जर द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टोंक जिले के 13 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के चार विद्यालय भी शामिल हैं, जहां डिजिटल लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। इन विद्यालयों में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अलीगढ़, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवली, दूनी तथा उनियारा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स और अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई में बेहतर सुविधा मिल सके।
इससे पूर्व विधायक के मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में “आधुनिक पुस्तकालय” शीर्षक से कोई अलग योजना, कार्यक्रम या गतिविधि संचालित नहीं की जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत टास्क 1.9 के अंतर्गत विद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थापना और उनके अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 3 दिसंबर 2025 को परिपत्र जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालयों में पुस्तकालय संस्कृति को मजबूत करना और विद्यार्थियों को अध्ययन के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे आधुनिक शिक्षा के साथ आगे बढ़ सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित