फतेहाबाद : सेम और जलभराव के मुद्दे पर किसानों ने किया डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
फतेहाबाद, 06 मार्च (हि.स.)। जिले के किसानों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सैंकड़ों किसानों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार और बीमा कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यम
फतेहाबाद। डीसी को ज्ञापन सौंपते किसान।


फतेहाबाद, 06 मार्च (हि.स.)। जिले के किसानों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सैंकड़ों किसानों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार और बीमा कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा ने किया। किसानों ने शुक्रवार काे साैंपे ज्ञापन में बताया कि फतेहाबाद जिले के लगभग 23-24 गांवों खासकर बड़ोपल, चिंदड़, गोरखपुर, कुम्हारिया से लेकर भट्टूकलां, जांडवाला बागड़ तक में हजारों एकड़ भूमि पिछले काफी वर्षों से सेम और जलभराव की समस्या से जूझ रही है। इसके कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और भूमि बंजर होने की कगार पर है। विष्णुदत्त ने बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से 2025 तक का बीमा क्लेम और मुआवजा अभी तक बकाया है। बीमा कंपनियों ने किसानों के खातों से प्रीमियम की राशि तो काट ली है, लेकिन नुकसान होने पर एक पैसा भी नहीं दिया जा रहा। छुट-पुट जलभराव का मुआवजा किसानों को बरगलाने भर का है। किसानों ने इसे कंपनियों द्वारा की जा रही खुली लूट करार दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 7 हजार से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की जो घोषणा की गई थी, वह केवल कागजों तक सीमित रही। जमीनी स्तर पर ढाणियों के नुकसान की भरपाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। किसान सभा ने मांग की है कि बीमा कंपनियों की कथित लूट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और तुरंत बीमा क्लेम व ढाणियों को हुए नुकसान का मुआवजा जारी किया जाए। सेम की समस्या के समाधान के लिए ड्रेन को पक्का किया जाए और पानी निकासी का स्थायी प्रबंध हो। सेम के कारण जो भूमि पिछले 10 साल से खाली पड़ी है, उसके लिए विशेष पोर्टल खोला जाए और सर्वे करके प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जलभराव से प्रभावित ढाणियों में स्वच्छ पेयजल की तत्काल व्यवस्था की जाए। भट्टू कलां मार्केट कमेटी में सरसों खरीद को लैब की व्यवस्था की जाए। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उपायुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। इस अवसर पर मा. हनुमान, सुभाष भादू, रिछपाल सिंह, हंसराज बड़ोपल, सतबीर सिंह बड़ोपल, विनोद कुमार जांडवाला, मांगेराम लाम्बा, इन्द्र सिंह, चिरंजी लाल, राधेश्याम, सुन्दर, मनीष कुमार, रोहताश डूडी, अजय सिंह माचरा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / अर्जुन जग्गा