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नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। द्वारका जिले में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए फरवरी 2026 के दौरान पांच नाइजीरियन नागरिकों को डिपोर्टेशन और रिपैट्रिएशन के लिए भेजा है। ये सभी बिना वैध वीजा के भारत में रह रहे थे। पुलिस ने उन्हें पकड़कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एफआरआरओ के आदेश पर डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने शुक्रवार को बताया कि ऑपरेशन यूनिट और विभिन्न थानों की टीमें लगातार ऐसे विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटा रही हैं, जो बिना वैध दस्तावेजों के इलाके में रह रहे हैं या घूम रहे हैं। इसी क्रम में फरवरी माह के दौरान अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत थाना उत्तम नगर की टीम ने तीन नाइजीरियन नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की, जबकि द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल ने दो अन्य नाइजीरियन नागरिकों को पकड़कर रिपैट्रिएशन के लिए भेजा। इस तरह कुल पांच विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि ये सभी नाइजीरियन नागरिक वैध वीजा के बिना भारत में रह रहे थे। दस्तावेजों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को एफआरआरओ के सामने पेश किया गया। एफआरआरओ ने मामले की समीक्षा करने के बाद इनके डिपोर्टेशन और रिपैट्रिएशन के आदेश जारी किए। डिपोर्ट किए जाने वालों में मैथ्यू चिक्वाडो ओनुवा, पॉल ओन्येकाची एक्वेंजे और अइयुगुहज एल्विस शामिल हैं, जबकि क्रिस्टोफर उचेचुक्वू कालू और जॉन ननमदी ओकाफोर को रिपैट्रिएशन के लिए भेजा गया है।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की टीमें ऐसे लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार खुफिया जानकारी विकसित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी