कठुआ में बायर/सेलर मीट का आयोजन, बागवानी उत्पादों के बेहतर विपणन पर जोर
कठुआ, 06 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के बागवानी विभाग (प्लानिंग एंड मार्केटिंग) की ओर से शुक्रवार को “किसानों को बाजार से जोड़ना” थीम के तहत गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज फॉर वूमेन कठुआ में एक बायर सेलर मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बागवा
Buyer/Seller Meet organised in Kathua, emphasis on better marketing of horticultural produce


कठुआ, 06 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के बागवानी विभाग (प्लानिंग एंड मार्केटिंग) की ओर से शुक्रवार को “किसानों को बाजार से जोड़ना” थीम के तहत गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज फॉर वूमेन कठुआ में एक बायर सेलर मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बागवानी उत्पादों के विपणन को मजबूत करना और किसानों, व्यापारियों व खरीदारों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना था।

इस अवसर पर प्रमुख बागवान, किसान उत्पादक संगठन, व्यापारी, निर्यातक और कृषि उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम ने खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया, जिससे बागवानी उत्पादों के व्यापार में पारदर्शिता और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। कार्यक्रम के दौरान बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) बातचीत और ज्ञान-विनिमय सत्र आयोजित किए गए। इनमें बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं, गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस को अपनाने और नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-मार्केट प्लेटफॉर्म) से जुड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विभाग ने किसानों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण, क्षमता विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस कार्यक्रम में कठुआ के अलावा सांबा, उधमपुर, रियासी और जम्मू जिलों से आए किसान, एफपीओ, व्यापारी और संस्थागत खरीदार भी शामिल हुए। इससे पारदर्शी मूल्य निर्धारण और दीर्घकालिक व्यापारिक अवसरों के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बागवानी विभाग के निदेशक गुलाम जीलानी जरगर ने कहा कि सरकार बागवानों और खरीदारों के बीच मजबूत विपणन तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम और जम्मू-कश्मीर एग्रीकल्चर एंड एलाइड सेक्टर्स कॉम्पिटिटिवनेस इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं के तहत इंटीग्रेटेड पैक हाउस, ग्रेडिंग और सॉर्टिंग लाइनों की स्थापना तथा कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जा रहा है, जिससे फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हो। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर कठुआ राजेश शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कठुआ में आयोजित यह पहली बायरदृसेलर मीट है, जो किसानों और बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए बाजार से किसानों की सीधी कनेक्टिविटी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में जनरल मैनेजर डीआईसी मुश्ताक चैधरी सहित कृषि और संबद्ध विभागों के अन्य जिला अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए खरीदारों ने भी इसमें भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया