अमित शाह ने किया पारादीप में इफको के सल्फ्यूरिक एसिड संयंत्र का उद्घाटन
भुवनेश्वर, 06 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पारादीप में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर्स कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के परिसर में स्थापित नए सल्फ्यूरिक एसिड संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि के
केन्द्रीय गृह  व सहकारिता मंत्री अमित शाह


भुवनेश्वर, 06 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पारादीप में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर्स कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के परिसर में स्थापित नए सल्फ्यूरिक एसिड संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ओडिशा में औद्योगिक विकास को गति देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से बने इस संयंत्र के उद्घाटन समारोह में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जगतसिंहपुर के सांसद भी मौजूद रहे।

अधिकारियों के अनुसार, नए संयंत्र की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग 2,000 टन सल्फ्यूरिक एसिड होगी। इस परियोजना से औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ पर्यावरणीय दक्षता भी बेहतर होगी। बताया गया कि इससे प्रदूषण स्तर में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है और कोयले पर निर्भरता में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा, इस संयंत्र के शुरू होने से करीब छह लाख मीट्रिक टन सल्फ्यूरिक एसिड के आयात की आवश्यकता कम होगी, जिससे देश की विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ओडिशा वर्तमान सरकार के नेतृत्व में तेजी से प्रगति कर रहा है और आने वाले वर्षों में यहां गुजरात जैसे विकास मॉडल को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से सरकार राज्य के आर्थिक विकास को गति देने और ग्रामीण समुदायों की आजीविका में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है।

गृह मंत्री ने देश के डेयरी सहकारी आंदोलन की सफलता का भी उल्लेख करते हुए बताया कि अमूल से जुड़े इस मॉडल को मजबूत बनाने में लगभग 36 लाख ग्रामीण महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की सहकारी पहल ओडिशा में भी ग्रामीण आजीविका को मजबूत कर सकती हैं।

इफको को देश के लिए गौरव का विषय बताते हुए शाह ने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा सहकारी संगठन है, जिसमें करीब पांच करोड़ किसान सदस्य हैं और यह भारत के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो