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श्रीनगर, 05 मार्च (हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता वहीद-उर-रहमान पारा ने ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर अपर्याप्त प्रतिक्रिया के रूप में जम्मू-कश्मीर सरकार की आलोचना की है और सवाल उठाया है कि जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने स्पष्ट निंदा प्रस्ताव क्यों जारी नहीं किया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पारा ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भारत सरकार से ईरान पर कथित अमेरिकी-इजरायल हमले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था लेकिन ध्यान दिया कि यह अपील हमलों के कुछ दिनों बाद आई थी।
पारा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार के रुख पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रशासन ने कड़ी निंदा जारी नहीं की है। पारा ने लिखा परेशान करने वाली बात जम्मू-कश्मीर की अपनी सरकार की चुप्पी है। बयान में इज़राइल के हमले को स्पष्ट रूप से बताने के बजाय, घटना को केवल 'हाल ही में हुआ घटनाक्रम' बताया गया है।
पारा ने आगे कहा कि भारत के एकमात्र मुस्लिम बहुल क्षेत्र के नेता के रूप में मुख्यमंत्री के पास संघर्ष के पीड़ितों के साथ नैतिक स्पष्टता और एकजुटता दिखाने का अवसर था।
उन्होंने पूछा कि इस मुद्दे पर कैबिनेट में औपचारिक रूप से चर्चा क्यों नहीं की गई यदि सरकार वास्तव में लोगों के साथ खड़ी है तो कैबिनेट के माध्यम से एक स्पष्ट और आधिकारिक प्रस्ताव क्यों पारित नहीं करती पारा ने यह भी सवाल उठाया कि आधिकारिक सरकारी मंच के बजाय नवा-ए-सुभ पार्टी कार्यालय में चर्चा क्यों की गई।
यह टिप्पणी मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद कश्मीर में व्यापक प्रतिक्रियाओं के बीच आई है संघर्ष के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या की रिपोर्ट के बाद घाटी के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और बंद की सूचना मिली है। हालाँकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले ईरान के घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की थी और जम्मू-कश्मीर में शांति और संयम की अपील की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता