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हरिद्वार, 15 मार्च (हि.स.)। सिक्ख धर्म के नानकशाही नव वर्ष आगमन और चैत्र माह की संक्रांत पर गुरुद्वारों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरु नानक दरबार भेल, गोल गुरुद्वारा, निर्मल संतपुरा, निर्मल विरक्त कुटिया, सिंह सभा गुरुद्वारा आदि में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर रहिरास साहिब, सुखमनी साहिब पाठ कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का आशीर्वाद लिया।
इस दौरान निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में संत बलजिंदर सिंह शास्त्री ने कथा, भेल गुरुद्वारे में प्रिंस पाल सिंह, निर्मल विरक्त कुटिया में हरबीर सिंह, मालक सिंह ने शब्द कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया।
इस अवसर पर बाबा पंडत, सूबा सिंह ढिल्लों ने कहा कि सभी मिलकर गुरुद्वारा ज्ञान गोदडी के लिए अरदास करें। जिससे जल्द से जल्द प्रशासन गुरुद्वारे के लिए मूल स्थान आवंटित करे। संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि नानकशाही नया वर्ष शुरू हुआ। पिछला वर्ष भूल जाओ और नए वर्ष का स्वागत करो। नए वर्ष को प्रभु सिमरन में बिताएं। अकाल पुरख की जिस पर कृपा हो जाए उसका जीवन सफल है। उन्होंने कहा कि प्रभु की इच्छा के बिना कुछ नहीं होता। मनुष्य जन्म बहुत मुश्किल से मिलता है। अहंकार से दूर होकर प्रभु का शुक्रिया करे।
इस अवसर पर संत मंजीत सिंह, संत तरलोचन सिंह, उज्जल सिंह, प्रधान सुदीप सिंह सलूजा, बलदेव सिंह, सुखदेव सिंह, कुलदीप सिंह, बलवंत सिंह, अमरपाल सिंह ओबेरॉय, अपनिंदर कौर, बीना चित्कारीया, सुमन शर्मा, पूनम नरूला, नैनी महेंद्रू, अमरदीप सिंह अरोडघ, राजेंद्र सिंह, तजेंद्र सिंह, कुलविंदर सिंह, हरभजन सिंह आदि उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला