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देहरादून, 15 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने रविवार को शहीद स्मारक पर एक बैठक कर राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण प्रक्रिया में हो रही देरी और क्षैतिज आरक्षण के पालन न होने पर रोष व्यक्त किया। बैठक में इन मुद्दों पर आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता सुलोचना भट्ट ने की जबकि संचालन पूरण सिंह लिंगवाल ने किया। मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और अरुणा थपलियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद संबंधित शासनादेशों का पूर्ण रूप से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि चयनित राज्य आंदोलनकारी आश्रितों को अब तक क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया है। शासनादेश जारी होने के लगभग पांच माह बाद भी इसका प्रभावी अनुपालन नहीं होने से शहीद परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, महासचिव रामलाल खंडूड़ी और युद्धवीर चौहान ने कहा कि सरकार की घोषणा के बाद भी शासनादेश जारी करने में अत्यधिक समय लगाया जाता है,जिससे विभिन्न प्रक्रियाओं में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोगों में अधिकारी और कर्मचारी कार्य को सुगम बनाने के बजाय अनावश्यक अड़चनें पैदा कर रहे हैं। बैठक में केशव उनियाल, राधा तिवारी और गणेश डंगवाल ने मुख्यमंत्री से संगठन को वार्ता का समय देने की मांग करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा मंच को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय