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जयपुर, 15 मार्च (हि.स.)। विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर रविवार को उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से जयपुर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में राज्य स्तरीय उपभोक्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “सुरक्षित उत्पाद–आश्वस्त उपभोक्ता” रखा गया।
इस अवसर पर उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि बाजार में नकली ब्रांडों की बिक्री एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के दौर में उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न नवाचारों के माध्यम से उपभोक्ता अदालतों को मजबूत किया जा रहा है। आयोगों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भर्ती प्रक्रिया को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया गया है। साथ ही सुनवाई की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी शुरू की गई है। इसके अलावा उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों को अब प्रति वर्ष 15 अवकाश की स्वीकृति दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुमित गोदारा ने उपस्थित प्रतिभागियों को गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का उपयोग करने और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में राजस्थान को आदर्श राज्य बनाने के लिए संकल्पित है। साथ ही उपभोक्ता हेल्पलाइन को और अधिक मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
सम्मेलन में मंत्री ने गिव अप अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लोगों के जुड़ने से कई पात्र गरीब वंचित रह गए थे। इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक नवंबर 2024 से गिव अप अभियान शुरू किया। करीब 16 महीने चले इस अभियान में 55 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी छोड़ दी, जबकि 27 लाख लाभार्थियों के नाम ई-केवाईसी नहीं होने के कारण सूची से हट गए।
इस तरह करीब 82 लाख पात्र वंचितों के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में जगह बनी। इसके बाद खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा शुरू होने पर लगभग 77 लाख पात्र लोगों को योजना से जोड़ा गया।
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि उपभोक्ता को उचित संरक्षण देने के लिए उपभोक्ता अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया प्रभावी होना जरूरी है। उन्होंने उपभोक्ता हेल्पलाइन 14435 को मजबूत करने और उसमें कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि एपी साही ने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों के लिए उपभोक्ता का हित सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला उपभोक्ता आयोग 50 लाख रुपये तक के मामलों का निस्तारण कर सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय मिल रहा है।
कार्यक्रम में देवेन्द्र कच्छवाहा ने कहा कि भ्रामक विज्ञापन, मिलावट और अमानक उत्पाद उपभोक्ता न्याय के क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां हैं।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता मामलों के निस्तारण में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। सम्मेलन के दौरान गिव अप अभियान पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही अतिथियों ने गिव अप अभियान से संबंधित पत्रिका, उपभोक्ता जागृति विशेषांक और ‘सुरक्षित उत्पाद–आश्वस्त उपभोक्ता–सशक्त भारत’ पुस्तिका का लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपभोक्ता मामले विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अंत में विभाग की निदेशक पूनम सागर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मेलन में राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष, सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित