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मंडी, 15 मार्च (हि.स.)। मंडी जिला के जोगिंदर नगर में स्मार्ट मीटर और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के मुद्दे को लेकर वामपंथी दलों का विरोध तेज होता नजर आ रहा है। नौ दिनों तक गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने के बाद माकपा ने रविवार को मच्छयाल में एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन से पहले पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने लाल झंडों और तख्तियों के साथ मच्छयाल में एक बड़ा जुलूस निकाला। इस दौरान नारेबाजी करते हुए लोग मैदान तक पहुंचे, जहां जनसभा का आयोजन किया गया। जुलूस में शामिल लोग स्मार्ट मीटर योजना और बिजली के निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाते दिखाई दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत नुक्कड़ नाटक से हुई, जिसमें कलाकारों ने आम लोगों से जुड़े मुद्दों को नाट्य रूप में पेश किया। इसके बाद आयोजित जनसभा में पार्टी के नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है और स्मार्ट मीटर उसी दिशा में उठाया गया कदम है। उनका कहना था कि अगर बिजली व्यवस्था का निजीकरण हुआ तो इसका असर आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों पर पड़ेगा।
सभा में यह भी कहा गया कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। वक्ताओं के अनुसार इससे गांवों में रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने स्थानीय मुद्दों को भी जोर-शोर से उठाया। लोगों ने अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, पेयजल की समस्या, बस सेवाओं की कमी और खराब सड़कों जैसे मुद्दों पर भी नाराजगी जताई।
माकपा नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 17 से 23 मार्च तक फिर से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली रैली में भी जोगिंदर नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की योजना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा