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प्रतापगढ़, 15 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में विकास भवन सभागार में रविवार को राइजिंग प्रतापगढ़ सोसाइटी ( आरपीएस ) की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य, विधायक सदर राजेन्द्र कुमार मौर्य सहित समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आरपीएस के अध्यक्ष जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि प्रतापगढ़ में रोजगार से लेकर व्यवसाय की बहुत ज्याद सम्भावनायें हैं। प्रतापगढ़ जनपद लखनऊ-वाराणसी-अयोध्या-प्रयागराज के मध्य बसा हुआ है। यहां पर रेलवे लाइन, गंगा एक्सप्रेसवे से लेकर कई महत्वपूर्ण हाइवे प्रतापगढ़ से होकर गुजरते है। आंवला, आम और कृषि उत्पादों में लोग जुड़े हुये है इसके बावजूद अभी तक प्रतापगढ़ का समुचित विकास नही हो पाया है। विकसित प्रतापगढ़ की संकल्पना को पूरा करने के लिये आरपीएस का गठन किया गया है। आरपीएस का मूल उद्देश्य रिकनेक्ट, रिफार्म, रिबिल्ट है । आरपीएस के बैनर तले 4 अलग अलग क्षेत्रों में प्रारम्भिक कार्य शुरू हो गया है। प्रतापगढ़ में भारी निवेश लाने के लिये मई माह में दो दिवसीय कान्क्लेव प्रस्तावित है। जनपद में 5 औद्योगिक एरिया और स्टेट है जो हमें अन्य जनपदों की तुलना में हमें उनसे आगे खड़ा करते है।
बैठक में आरपीएस के संरक्षक राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य ने बैठक में कहा कि वे अपनी सांसद निधि से जिले में पहला सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण करायेगें। इसके साथ ही उन्होने बैठक में बताया कि मई माह में होने वाले कान्क्लेव के लिये केन्द्र और प्रदेश सरकार के जनप्रतिनिधि और उच्च अधिकारी को भी सादर आमंत्रित किया जायेगा। विधायक सदर राजेन्द्र कुमार मौर्य ने कहा कि आरपीएस निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहल है इससे जनपद की छवि बदलेगी और निवेश आयेगा।
आरपीएस के सचिव अंकुर केसरवानी ने बताया कि आरपीएस का मूल उद्देश्य जनपद की छवि को बदलना है, लाजिस्टक पार्क, हास्पिटैलिटी जैसे बहु आयामी विकल्पों को सबके समक्ष रखना है। बैठक में उपजिलाधिकारी सदर नैन्सी सिंह, डीसी मनरेगा/प्रभारी जिला विकास अधिकारी सन्तोष कुमार सिंह सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपेन्द्र तिवारी