मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स में 16 मार्च तक बढ़ाया गया कर्फ्यू
तुरा (मेघालय), 15 मार्च (हि.स.)। जिला प्रशासन ने मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट विभोर अग्रवाल द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, भारतीय नागरि
मेघालयः गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल मुख्यालय। फाइल फोटो


तुरा (मेघालय), 15 मार्च (हि.स.)। जिला प्रशासन ने मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया है।

जिला मजिस्ट्रेट विभोर अग्रवाल द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाया गया कर्फ्यू 15 मार्च को सुबह 6 बजे से 16 मार्च की सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे पहले ही वापस न ले लिया जाए। प्रशासन ने कहा कि जिले के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा और सार्वजनिक शांति भंग होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों की जान, सार्वजनिक सुरक्षा और संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

हालांकि, अधिकारियों ने निवासियों को ज़रूरी काम करने और बाहर आने-जाने की सुविधा देने के लिए 15 मार्च को पूरे जिले में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्फ्यू में ढील देने की घोषणा की है। आदेश में कहा गया है कि कर्फ्यू के दौरान, लोगों को जिले की सीमा के भीतर अपने घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।

सभी कानून-प्रवर्तन एजेंसियों, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों को आदेश का सख़्ती से पालन कराने और प्रतिबंधों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और क़ानून के अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यह आदेश आपातकालीन परिस्थितियों और ज़िले में हिंसा को और बढ़ने से रोकने की ज़रूरत को देखते हुए जारी किया गया है।

ज्ञात हो कि ये पाबंदियां बीते सप्ताह की शुरुआत में तब लगाई गई थीं, जब गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) के चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान आदिवासी और गैर-आदिवासी समूहों के बीच झड़पें हुई थीं।

राज्य सरकार ने जीएचएडीसी चुनावों को भी टाल दिया है, जो पहले 10 अप्रैल को होने वाले थे। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित इलाकों में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में है और सुरक्षा बल कड़ी नज़र रखे हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय