छात्र अक्षत सरकार काे गैस लीकेज पहचान टेप के लिए मिला इंस्पायर मानक पुरस्कार
पूर्वी सिंहभूम, 15 मार्च (हि.स.)। टेल्को स्थित गुलमोहर हाई स्कूल के छात्र अक्षत सरकार को उनके अभिनव प्रोजेक्ट के लिए प्रतिष्ठित इंस्पायर मानक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। अक्षत ने ग्रामीण क्षेत्रों में गैस रिसाव से होने वाली दुर्घटनाओं क
छात्र अक्षत सरकार


पूर्वी सिंहभूम, 15 मार्च (हि.स.)। टेल्को स्थित गुलमोहर हाई स्कूल के छात्र अक्षत सरकार को उनके अभिनव प्रोजेक्ट के लिए प्रतिष्ठित इंस्पायर मानक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। अक्षत ने ग्रामीण क्षेत्रों में गैस रिसाव से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जीएलडीसी टेप ग्रामीण घरों के लिए सुरक्षित गैस लीकेज पहचान टेप नामक एक विशेष सुरक्षा समाधान विकसित किया है।

अक्षत द्वारा तैयार की गई यह टेप कम लागत में गैस रिसाव की पहचान करने का एक सरल और प्रभावी उपाय है। ग्रामीण इलाकों में एलपीजी सिलेंडर का व्यापक उपयोग होता है, लेकिन गैस रिसाव का पता लगाने वाले आधुनिक उपकरण अक्सर महंगे होते हैं या आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते। ऐसे में यह टेप एक सुलभ और किफायती विकल्प के रूप में सामने आई है, जो गैस रिसाव से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है।

करीब 50 रुपये की लागत वाली यह टेप एलपीजी पाइप या सिलेंडर के कनेक्शन वाले स्थान पर आसानी से लगाई जा सकती है। इसमें तीन स्तर की चेतावनी प्रणाली विकसित की गई है, जो गैस रिसाव होने की स्थिति में लोगों को तुरंत सतर्क कर देती है। पहले स्तर में कोबाल्ट क्लोराइड आधारित रासायनिक रंग परिवर्तन संकेतक का उपयोग किया गया है, जो गैस रिसाव या उससे जुड़े पर्यावरणीय बदलाव के संपर्क में आने पर अपना रंग बदल देता है और स्पष्ट दृश्य संकेत देता है।

दूसरे स्तर में ध्वनि चेतावनी प्रणाली शामिल की गई है, जो गैस रिसाव की स्थिति में हल्की आवाज उत्पन्न करती है, जिससे आसपास मौजूद लोग तुरंत सतर्क हो सकें। तीसरे स्तर में गंध आधारित चेतावनी तंत्र विकसित किया गया है, जो तेज गंध छोड़कर लोगों को गैस रिसाव के बारे में सचेत करता है, ताकि यदि कोई व्यक्ति रंग परिवर्तन को न देख पाए तो भी उसे खतरे का पता चल सके।

रंग परिवर्तन, ध्वनि संकेत और गंध चेतावनी जैसे तीनों स्तर मिलकर एक प्रभावी सुरक्षा प्रणाली बनाते हैं, जो समय रहते लोगों को आगाह कर एलपीजी से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक हो सकती है।

इस सामाजिक रूप से उपयोगी नवाचार के लिए अक्षत सरकार का चयन इंस्पायर मानक योजना 2025 के अंतर्गत किया गया है। इस योजना के तहत उनके प्रोजेक्ट के आगे के विकास के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।

गुलमोहर हाई स्कूल की प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने अक्षत को बधाई देते हुए कहा कि अक्षत का यह विचार दर्शाता है कि युवा विद्यार्थी वास्तविक जीवन की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए रचनात्मक ढंग से सोच सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय को गर्व है कि उसके विद्यार्थी विज्ञान और नवाचार के माध्यम से समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक