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खूंटी, 15 मार्च (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के तत्वावधान में रविवार को उप कारागार, खूंटी में जेल अदालत एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा जेल अदालत के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान डालसा सचिव कमलेश बेहरा ने बंदियों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी गई तथा यह बताया गया कि प्रत्येक बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। साथ ही न्याय तक सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने में जेल अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी विस्तार से बताया।
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम अमित आकाश सिन्हा ने बंदियों को अपने मामले के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल, खूंटी के डॉ एरोन होरो एवं उनके सहायक चिकित्सकों के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों का रक्तचाप, रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कार्यक्रम में कमलेश बेहरा, सचिव, डीएलएसए, अमित आकाश सिन्हा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम, डॉ. एरोन होरो, चिकित्सक सदर अस्पताल खूंटी, सहित विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता, डेप्युटी चीफ नम्रता कुमारी, जेल इंचार्ज जीवन एक्का, पैरा लीगल वॉलंटियर्स संजय हस्सा, जेल पीएलवी एवं जेलकर्मी उपस्थित रहे।
जेल अदालत में निस्तारण के लिए कोई उपयुक्त मामला प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद बंदियों को जेल अदालत के महत्व तथा न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने में विधिक सेवा प्राधिकरणों की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।
यह जानकारी डालसा सचिव कमलेश बेहरा की ओर से दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा