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मंदसौर, 15 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने क्षेत्र के सीपीएस पद्धति से खेती कर रहे अफीम किसानों से खसखस निकालकर डोडा सुरक्षित रखने और नियमों के तहत सरकार को सुपुर्द करने की बात कही है।
सांसद गुप्ता ने रविवार को एक बयान में कहा कि क्षेत्र का अफीम किसान खेती-किसानी के कार्यों को जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करता है। तथा अफीम उत्पादन से जुड़े नियमों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान दो प्रकार से अफीम खेती करते है। एक चीरा लगाकर और दूसरी बिना चीरा लगाए सीपीएस पद्धति से।
सांसद ने कहा कि जिन किसानों के पास सीपीएस पद्धति की अफीम का डोडा सूख चुका है, वे उससे खसखस का दाना निकाल सकते हैं और डोडा को सुरक्षित तरीके से अपने घर पर रख सकते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि डोडा को सुरक्षित रखें और जब सरकार या नारकोटिक्स विभाग निर्धारित कैंप और तारीख के आधार पर मांग करे, तब उसे तोल केंद्र पर ले जाकर सरकार को सौंप दें।
उन्होंने कहा कि किसान मेहनती और ईमानदार होते हैं और पूरी प्रामाणिकता के साथ काम करते हैं। किसानों की अपनी ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए सभी किसान भाई नियमों का पालन करते हुए अपने खेतों में डोडा निकाल सकते हैं, खसखस अलग कर सकते हैं और सुरक्षित तरीके से उसे रख सकते हैं। सांसद ने विश्वास जताया कि क्षेत्र के किसान सरकार के नियमों का पालन करते हुए अफीम उत्पादन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएंगे और जब भी नारकोटिक्स विभाग मांग करेगा, तब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डोडा जमा कराएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया