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पानीपत, 15 मार्च (हि.स.)। पानीपत के फ्लोरा चौक पर करीब सात माह का विकसित कन्या भ्रूण लावारिस हालत में मिला, जिसे आवारा कुत्ते उस मासूम भ्रूण को नोचते नजर आए। राहगीरों ने देखा कि एक विकसित भ्रूण को आवारा कुत्ते नोच रहे थे। भ्रूण का शरीर काफी हद तक विकसित हो चुका था, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति हैरान था।
घटना की सूचना मिलते ही जन सेवा दल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जन सेवा दल के सदस्यों ने क्षत-विक्षत शव को जानवरों से बचाकर अपने कब्जे में लिया। जनसेवा दल के मुख्य सेवादार चमन लाल गुलाटी ने रविवार काे बताया यह अत्यंत दुखद और शर्मनाक है जो एक सात माह के कन्या भ्रूण को किसी कलयुगी मां ने इस हालात में छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि यह करीब सात महीने का कन्या भ्रूण है। जिस पानीपत की धरती से बेटियों को बचाने का संदेश दिया गया, वहां आज भी अजन्मी कन्याओं को इस तरह सड़कों पर फेंक दिया जाता है। जैसे ही हमें सूचना मिली तुरंत हमारी टीम मौके पर पहुंची। भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद, जन सेवा दल ने पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी ओर मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस मामला दर्ज कर फ्लोरा चौक और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस विकसित भ्रूण को वहां कौन और किस समय फेंक कर गया। साथ ही पुलिस आसपास के निजी और सरकारी अस्पतालों के प्रसव रिकॉर्ड, अल्ट्रासाउंड सेंटर्स और अवैध गर्भपात संबंधी डेटा की भी जांच कर रही है, ताकि आरोपी माता पिता तक पहुंचा जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा