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बीरभूम, 15 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बीरभूम जिले में अवैध बालू खनन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस पर जिले में अवैध बालू घाट चलाने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।
भाजपा के बीरभूम जिलाध्यक्ष उदयशंकर बनर्जी ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र सौंपते हुए जिले में अवैध बालू खनन को तत्काल बंद करने और बालू की उचित कीमत सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका आरोप है कि जिले में चल रहे अवैध बालू कारोबार से तृणमूल नेताओं को चुनावी फंड जुटाने में मदद मिलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो भाजपा इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी।
भाजपा का दावा है कि जिले की अजय, मयूराक्षी, कोपाई, द्वारका, बक्रेश्वर, बांसलाई, ब्राह्मणी और हिंगलो जैसी नदियों से अवैध रूप से बालू निकाला जा रहा है। आरोप है कि नदी के भीतर जेसीबी मशीन और नावों के माध्यम से अवैज्ञानिक तरीके से बालू निकासी की जा रही है, जो प्रशासनिक नियमों के खिलाफ है। इलामबाजार, नानूर, लाभपुर, सिउड़ी, साईंथिया, मयूरेश्वर और रामपुरहाट इलाकों में ऐसे अवैध बालू घाटों की संख्या अधिक बताई जा रही है।
हालांकि, जिला प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है। बीरभूम के जिलाधिकारी धवल जैन ने कहा कि जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बढ़ावा नहीं दिया जाता है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मलय मुखर्जी ने भाजपा के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना सबूत के आरोप लगाना भाजपा की राजनीति का हिस्सा है।
उधर, पुलिस अधीक्षक अमनदीप ने कहा कि जिले में पुलिस नियमित रूप से अभियान चलाती है और कहीं भी अवैध गतिविधि पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता