मुख्यमंत्री ने गिनाई असम के सरकारी कैंसर अस्पताल के नेटवर्क की उपलब्धि
गुवाहाटी, 15 मार्च (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार काे कहा कि राज्य में अब सरकारी कैंसर अस्पतालों का एक बड़ा नेटवर्क चल रहा है, जिसे उन्होंने भारत के किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले बेजोड़ बताया। गुवाहाटी के बिरूबारी स्थि
गुवाहाटी के विरूबारी में कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा


गुवाहाटी, 15 मार्च (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार काे कहा कि राज्य में अब सरकारी कैंसर अस्पतालों का एक बड़ा नेटवर्क चल रहा है, जिसे उन्होंने भारत के किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले बेजोड़ बताया।

गुवाहाटी के बिरूबारी स्थित प्रागज्योतिष मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि आज दो नए कैंसर इलाज केंद्रों का उद्घाटन हुआ है। राज्य ने असम कैंसर केयर फाउंडेशन (एसीसीएफ) के तहत 17 कैंसर अस्पतालों का एक नेटवर्क बनाने की योजना बनाई थी। यह राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट्स की एक संयुक्त पहल है। इनमें से 12 अस्पताल पहले से ही चालू हैं।

दो और कैंसर इलाज केंद्रों, जो गोलाघाट और तिनसुकिया में स्थित हैं का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी से वर्चुअली किया। एसीसीएफ प्रोजेक्ट के तहत हर केंद्र को ₹135 करोड़ की लागत से बनाया गया है।

इस पहल की शुरुआत को याद करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का विचार कोविड-19 महामारी से पहले, एक बैठक के दौरान आया था, जिसमें अमित शाह और उद्योगपति रतन टाटा शामिल थे। उस दाैरान गृह मंत्री ने रतन टाटा से कहा था कि आपको पूर्वोत्तर के हर राज्य में एक कैंसर अस्पताल बनाना चाहिए। तब असम ने एक बड़ा सपना देखा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, असम सरकार और टाटा ट्रस्ट्स ने पूरे राज्य में मिलकर 17 कैंसर अस्पताल बनाने के लिए एक समझौता किया, जिसमें दोनों पक्षों ने लागत का 50 प्रतिशत योगदान दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि कीमो से लेकर रेडियोथेरेपी और सर्जरी तक आज हमारे पास 12 कैंसर अस्पताल हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने गोलाघाट और तिनसुकिया में दो और अस्पतालों का उद्घाटन किया और तीन और अस्पतालों के साथ वह सपना पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में किसी भी अन्य राज्य के पास कैंसर अस्पतालों का ऐसा नेटवर्क नहीं है जैसा आज असम के पास है।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय