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हमीरपुर, 15 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय से अंतिम सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद सिंचाई विभाग की बंधी में काबिज लोग विधि विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने में जुट गए हैं। 16 से 20 मार्च को सुनवाई के बाद प्रशासन क्या कदम उठाएगा, इस सवाल पर अभी सभी की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन सुनवाई के बाद कब्जा हटाने की कार्यवाही कर सकता है।
सुमेरपुर कस्बे के बस स्टॉप से लेकर रेलवे स्टेशन के आगे तक सिंचाई विभाग महोबा की बंधी संख्या दो बनी हुई थी इस बंधी को ध्वस्त करके लोगों ने आलीशान व्यापारिक प्रतिष्ठान, आवास कार्यालय आदि बना रखें है। बांदा मार्ग किनारे बनी इस बंधी का नामोनिशान मिट गया है। महोबा सिंचाई विभाग ने काबिज 95 लोगों को चिन्हित करके नोटिस दिया था। इस नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय से सुनवाई का अंतिम नोटिस दिया गया है। इसकी सुनवाई 16, 18, 20 मार्च को तय है। कब्जा धारक विधि विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने में जुट गए हैं। बता दें कि उच्च न्यायालय नवम्बर 2021 में इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर चुका है। इस आदेश का अभी तक प्रशासन अमल नहीं कर सका है।
जनवरी माह में कस्बे में हुई लवजिहाद की घटना के बाद यह मुद्दा फिर से उठ खड़ा हुआ। इसके बाद सक्रिय हुए सिंचाई विभाग ने 20 फरवरी को कब्जा धारकों को अंतिम नोटिस दिया था। इस नोटिस की अवधि 6 मार्च को समाप्त हो गई थी। अब 9 मार्च को एसडीएम सदर के न्यायालय से सुनवाई का अंतिम नोटिस दिया गया। इस सुनवाई के बाद प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दे सकता है। अंदर खाने इसकी तैयारी भी हो रही है।
विधि विशेषज्ञों का दावा है कि प्रशासन की कार्यवाही से स्पष्ट हो रहा है कि प्रशासन हाई कोर्ट के आदेश 2021 का अमल करने की तैयारी में है। इस आदेश को आधार बनाकर प्रशासन बंधी को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहता है। अगर ऐसा हुआ तो बंधी में बने व्यापारिक प्रतिष्ठान, आवास, कार्यालय जमींदोज होना तय है। यही सोचकर कब्जाधारकों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा