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ऊना, 13 मार्च (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पंजाब के वित्त मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को हिमाचल पर टिप्पणी करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब पर कर्ज बढ़कर करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, इसलिए उसे पहले अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने की जरूरत है।
उपमुख्यमंत्री शुक्रवार को ऊना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े मामलों में भी हिमाचल प्रदेश के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने बीबीएमबी को हिमाचल प्रदेश को 4500 करोड़ रुपये देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद पंजाब सरकार ने अभी तक यह राशि जारी नहीं की है। उनके अनुसार यह हिमाचल के अधिकारों की अनदेखी है और प्रदेश सरकार अपने हक के लिए आवाज उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि शानन पावर प्रोजेक्ट का मामला भी लंबे समय से लंबित है। उनके मुताबिक इस परियोजना पर पंजाब ने कब्जा कर रखा है, जबकि इस परियोजना से जुड़े अधिकारों पर हिमाचल प्रदेश का भी दावा है।
इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के हिस्से का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि चंडीगढ़ में हिमाचल का सात प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, लेकिन अब तक वह प्रदेश को नहीं दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भले ही छोटा राज्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसके अधिकारों को नजरअंदाज किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल छोटा भाई जरूर है, लेकिन अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना अच्छी तरह जानता है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश सरकार संयम बनाए हुए है तो इसका यह अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि कोई भी राज्य प्रदेश के खिलाफ टिप्पणी करे। उन्होंने कहा कि “हम पहाड़ी जरूर हैं, लेकिन किसी से डरते नहीं हैं।”
उन्होंने पंजाब सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि हिमाचल पर उंगली उठाने से पहले उसे अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और अपने हालात को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल