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—कुल 08 क्लासेज सुबह और सायंकाल में चलेंगी
वाराणसी, 13 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के तरणताल के नए सत्र का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. ए.के. नेमा ने तरणताल का विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने तरणताल के नए सत्र की शुरूआत की।
इसके बाद विश्वविद्यालय के तैराकों ने तैरकर अपनी कला दिखाई । तरणताल इंचार्ज डॉ. कविता वर्मा ने बताया कि बीएचयू के छात्रों, कर्मचारियों, अफसरों एवं मेहमानों के लिए तरणताल 16 मार्च से सुचारू रूप प्रारम्भ हो जाएगा। प्रथम सत्र 16 मार्च से 30 जुलाई 2026 तक 04 माह 16 दिवस का है। द्वितीय सत्र एक अगस्त से 30 नवम्बर तक 04 माह का है। इसमें कुल 08 क्लासेज सुबह और सायंकाल में चलेंगी। डॉक्टर कविता वर्मा ने बताया कि स्विमर बैच के प्रवेश के लिए तैराकी का टेस्ट देना अनिवार्य है, जिसमें 100 मीटर की तैराकी और 02 मिनट की पानी में स्टेइंग करना है। स्विमर्स और इंटरमीडिएट के अलग-अलग बैच सुबह व शाम को चलाए जाएंगे। इसके पहले तरणताल पर महासचिव प्रो. ए.के. नेमा, तरणताल इंचार्ज डॉ. कविता वर्मा एवं डॉ. प्रियंका यादव ने कुलपति प्रो. चतुर्वेदी का स्वागत एवं अभिनंदन पुष्प गुच्छ देकर किया। इस अवसर पर सेक्रेटरी प्रोफेसर अर्चना सिंह, डॉ. खुर्शीद अहमद, डॉ. प्रदीप खलखो, सहायक निदेशक डॉ. रोबिन कुमार सिंह, डॉ. हरिराम यादव, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. वैभव राय विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद, एम. एम. वी. प्रधानाचार्य प्रोफेसर रीता सिंह, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से प्रोफेसर शशि शेखर, शारीरिक शिक्षा विभाग से डॉक्टर लेनेट खाखा, इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस से प्रोफेसर निर्मला होरो, वाराणसी तैराकी संघ के महासचिव शंभू प्रसाद आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी