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फतेहाबाद, 13 मार्च (हि.स.)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने करीब सात साल पहले गांव ढाबी कलां निवासी जिम संचालक की हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए दो शराब कारोबारियों काे दाेषी करार दिया है। अदालत ने दाेषी करार दिए गए भट्टू क्षेत्र के गांव रामसरा निवासी विजयपाल उर्फ टाडा और पुष्कर उर्फ खली को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने शुक्रवार को सुनाए अपने फैसले में इन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा आम्र्ज एक्ट के तहत भी 10-10 हजार अलग से जुर्माना लगाया गया है। विजयपाल व पुष्कर ने 19 जून 2019 को जिम संचालक अशोक कुमार की कनपटी और छाती में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अशोक के पिता सुभाष की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ हत्या व आम्र्ज एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस संबंध में पुलिस को दी शिकायत में गांव ढाबी कलां निवासी सुभाष ने कहा था कि उसका छोटा बेटा अशोक चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा से बीपीएड का कोर्स कर रहा था। साथ ही भट्टू मंडी में गांव के ही मनिंद्र बैनीवाल के साथ जिम सेंटर चलाता था। सुभाष ने कहा था कि 19 जून 2019 को वह अपने बेटे व मनिंद्र के साथ सुबह करीब 11 बजे ढाबी कलां से चले थे। अशोक गाड़ी चला रहा था। अशोक के पास पुष्कर उर्फ खली ने फोन कर भट्टू में मिलने की बात कही। इसके बाद पुष्पर उर्फ खली और विजयपाल उर्फ टाडा आई ट्वेंटी कार में आए। दोनों ने अशोक से कहा कि सत्यवान को समझाओ कि शराब क्यों बेचता है। अशोक ने कहा कि उसका सत्यवान से कोई वास्ता नहीं है। आप खुद सत्यवान को समझाओ। इतने में ही विजयपाल और पुष्कर तैश में आ गए। सुभाष का आरोप था कि विजयपाल ने पिस्तौल निकालकर अशोक की छाती में गोली मार दी। इसके बाद पुष्पर ने उसी पिस्तौल से दूसरी गोली नीचे गिरे हुए अशोक की कनपटी पर मार दी। दोनों इसके बाद फरार हो गए। वे अशोक को भट्टू सीएचसी लेकर गए, लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सुनवाई के दौरान पीडि़त पक्ष की ओर से पब्लिक प्रॉसीक्यूटर देवेंद्र मित्तल व डॉ. नरेंद्र सिंह ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि दोनों आरोपियों ने मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था, इसलिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। देवेंद्र मित्तल ने बताया कि सजा सुनाए जाने से पहले दोनों दोषियों ने कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे गरीब परिवार से हैं और उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां हैं। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को हिसार सेंट्रल जेल भेजने के आदेश जारी किए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / अर्जुन जग्गा