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जयपुर, 13 मार्च (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नमक आंदोलन पर आधारित एक मुट्ठी नमक से बदल दी देश की तकदीर शीर्षक लघु पुस्तक का विमोचन किया। गांधीवादी धर्मवीर कटेवा ने बताया कि पुस्त्क राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, आदर्शों और उनके ऐतिहासिक आंदोलन की प्रेरक स्मृति को समर्पित है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक आंदोलन हुए, किन्तु सन् 1930 में प्रारम्भ हुआ दांडी मार्च भारतीय जनजागरण का एक अद्वितीय अध्याय बन गया। एक मुट्ठी नमक उठाकर गांधीजी ने न केवल ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानून को चुनौती दी, बल्कि पूरे देश को सत्य, अहिंसा और जनशक्ति की ताकत का एहसास कराया।
यह पुस्तक गांधीजी के अनमोल विचारों और जीवन-दर्शन को सरल रूप में पाठकों तक पहुंचाने का एक विनम्र प्रयास है। राष्ट्रवाद, धर्म, सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, समानता, स्वदेशी, शिक्षा, ग्राम स्वराज और मानवता जैसे विषयों पर उनके विचार आज भी समाज के लिए दिशा-सूचक हैं। गांधीजी का मानना था कि किसी भी निर्णय की कसौटी समाज के सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति का हित होना चाहिए।
आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों और मतभेदों का सामना कर रहा है, तब गांधीजी के विचार हमें संयम, सहिष्णुता और नैतिकता का मार्ग दिखाते हैं। उनका संदेश केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता के कल्याण की एक सार्वभौमिक दृष्टि प्रस्तुत करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश