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धर्मशाला, 13 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की चल रही परीक्षाओं में अनुशासन बनाए रखने के लिए बोर्ड प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इन परीक्षाओं के दौरान अब तक नकल के कुल 27 यूएमसी दर्ज किए जा चुके हैं। बोर्ड अध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने नकल की इन घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक युग में भी कुछ विद्यार्थी अपनी मेहनत के बजाय अनुचित साधनों का सहारा लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी योग्यता और आत्मविश्वास पर भरोसा करें। बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां न केवल परीक्षा के नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि विद्यार्थी के भविष्य और चरित्र पर भी बुरा असर डालती हैं।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत प्रश्न-पत्रों में किए गए तकनीकी सुधारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि अब प्रश्न-पत्र की सभी सीरीज़ (ए, बी, सी) में प्रश्न समान होते हैं, केवल उनका क्रम (जम्बलिंग) अलग-अलग होता है। इस बदलाव के कारण किसी दूसरे छात्र की उत्तरपुस्तिका से नकल करने या प्रश्न-पत्रों की तुलना करने का प्रयास पूरी तरह निरर्थक और समय की बर्बादी है। उन्होंने आगामी परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए बोर्ड ने सभी संबंधित अधिकारियों, केंद्र अधीक्षकों और निरीक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ी की जाए ताकि बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया