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पूर्वी सिंहभूम, 13 मार्च (हि.स.)। परसुडीह के खासमहल स्थित सदर अस्पताल में देशभर में चल रही एलपीजी की किल्लत का असर अब अस्पताल की रसोई तक पहुंच गया है। पिछले दो दिनों से रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने से अस्पताल प्रशासन और भोजन आपूर्ति करने वाले वेंडर को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि मरीजों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल की रसोई में लकड़ी और कोयले के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर के पीछे बने अस्थायी चूल्हों पर सुबह से ही रसोइये मरीजों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन पहले की तरह निर्धारित समय पर तैयार किया जा रहा है।
अस्पताल के भोजन वेंडर ओंकार नाथ ने बताया कि पिछले दो दिनों से गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह बाधित है। कई गैस एजेंसियों से संपर्क करने के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को भूखा रखना संभव नहीं था, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ी और कोयले के चूल्हे बनाकर खाना पकाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को मौखिक रूप से जानकारी दे दी गई है। हालांकि धुएं के बीच काम करना रसोइयों के लिए बेहद कठिन हो रहा है, लेकिन मरीजों की सुविधा को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा।
दिलचस्प बात यह है कि रसोई में चल रहे इस संकट का असर मरीजों की थाली तक नहीं पहुंचा है। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों ने बताया कि उन्हें रोज की तरह समय पर भोजन मिल रहा है और खाने की गुणवत्ता में भी किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। मरीजों ने कहा कि भोजन स्वादिष्ट और पर्याप्त मात्रा में दिया जा रहा है, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हो रही।
वहीं अस्पताल प्रशासन के सामने यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बन गई है। सदर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्वास्थ्य संस्थान में स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर भोजन बनाना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा। धुएं और राख के कारण रसोई में स्वच्छता बनाए रखना भी कठिन हो सकता है।
इधर ,अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन और गैस एजेंसियों से संपर्क कर आपातकालीन कोटा के तहत एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और अस्पताल की रसोई फिर से नियमित व्यवस्था में लौट आएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक