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रांची, 13 मार्च (हि.स.)। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्य में पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 54 प्रतिशत है, लेकिन उनके लिए चल रही योजनाएं सिर्फ साइकिल और छात्रवृत्ति तक ही सीमित रह गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिससे उन्हें पढ़ाई में काफी परेशानी हो रही है।
उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास बनाने की जरूरत पर बल दिया और विभिन्न संस्थानों में खाली पड़े निदेशक के पदों को जल्द भरने की मांग की। साथ ही रांची से हज यात्रा के लिए हवाई सुविधा बहाल करने की बात भी कही।
विधायक ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना के साथ कौशल विकास कार्यक्रम भी जरूरी है, ताकि लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने दिव्यांग और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए हर महीने 2500 रुपए प्रतिमाह पेंशन देने की मांग सरकार से की।
इस दौरान विधायक नरेश सिंह ने कहा कि एसटी-एससी छात्राओं को अत्याधुनिक सुविधाएं निःशुल्क मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण योजना से स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम हो रही है। वहीं विधायक चंद्रदेव महतो ने दिव्यांगजनों की पेंशन राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। साथ ही झारखंड की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए कोचिंग की व्यवस्था करने की मांग की।
इसी क्रम में विधायक जनार्दन पासवान ने कहा कि बालिका आवासीय विद्यालयों को प्लस टू तक अपग्रेड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवनों और छात्रावासों की स्थिति ठीक नहीं है। चतरा जिले में 12 सीडीपीओ के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो सीडीपीओ ही कार्यरत हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar