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खूंटी, 13 मार्च (हि.स.)। रमजान के पवित्र माह में पड़ने वाले अंतिम शुक्रवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शहर के कर्रा रोड स्थित जामा मस्जिद, पाशा कॉलोनी स्थित मस्जिद ए जोहरा सिहत जिला के अन्य मस्जिदों में श्रद्धा के साथ अलविदा जुम्मे की नमाज अदा की।
इस दौरान नमाजियों ने देश में शांति और खुशहाली के साथ ही बरकत की दुआएं मांगी। पाक माह रमजान के अलविदा जुम्मे की नमाज के लिए मस्जिदों में विशेष तैयारी की गई थी। मस्जिदों में अलविदा जुम्मे की नमाज के लिए रोजेदारों के साथ ही अन्य नमाजियों की काफी भीड़ देखी गई। इस दौरान इमाम ने सभी को गलत कामों से परहेज करने को कहा।
उन्होंने कहा कि लोगों को अल्लाह के बताए रास्ते पर चलते हुए अल्लाह पाक की इबादत करनी चाहिए, केवल दिखावे के लिए इबादत करने से अल्लाह खुश नहीं होंगे बल्कि नाराज ही होंगे। इसके साथ ही उन्होंने मां-बाप की सेवा को सबसे बड़ी इबादत बताते हुए कहा कि मां-बाप को नाराज करने से अल्लाह कोई इबादत कबूल नहीं करते। उन्होंने फितरा और जकात के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति 70 रुपए के हिसाब से फितरा निकालना है। अगर कोई आर्थिक रूप से मजबूत हैं तो वे अधिक से अधिक फितरा की रकम निकाल सकते हैं।
वहीं उलेमाओं ने यह भी बताया कि चांद दिखने के आधार पर अलविदा जुम्मा की तारीख तय होती है। अगर 19 मार्च को चांद नजर नहीं आता है तो 20 मार्च को अलविदा जुम्मा माना जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा