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जगदलपुर, 13 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले में 15 मार्च से 30 अप्रैल तक एफएमडी (खुरहा-चपका) टीकाकरण अभियान संचालित किया जाएगा।
संयुक्त संचालक पशुधन विकास डॉ. देवेन्द्र कुमार नेताम ने बताया कि इस अभियान के तहत बस्तर जिले के गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं का व्यापक स्तर पर टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खुरहा-चपका रोग मुख्य रूप से गौवंशीय और भैंसवंशीय पशुओं में पाया जाता है, जबकि बकरी और सूकर में भी इसका संक्रमण फैल सकता है। इस रोग के प्रमुख लक्षणों में पशुओं का खाना छोड़ देना, तेज बुखार आना, जीभ में छाले पड़ना, मुंह से अत्यधिक लार निकलना, खुरों में घाव होना शामिल है। इसके अलावा गर्भवती पशुओं में गर्भपात तथा छोटे पशुओं में मृत्यु दर अधिक होने की संभावना रहती है।
संयुक्त संचालक डॉ. नेताम ने बताया कि इस रोग की रोकथाम के लिए जिले में 64 टीकाकरण दलों का गठन किया गया है। ये दल अभियान के दौरान पशुपालकों के घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगे। साथ ही टीकाकरण की जानकारी नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन के भारत पशुधन पोर्टल में भी दर्ज की जाएगी। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि टीकाकरण के सत्यापन के लिए पशु मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा। पशुपालक इस ओटीपी को टीकाकरण दल को बताकर टीकाकरण की प्रक्रिया पूर्ण करवाएं, ताकि अभियान का सही तरीके से रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे