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नई दिल्ली, 13 मार्च (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए ड्रेन की सफाई का काम मिशन मोड में चल रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर बडुसराय पुल और पंखा रोड ड्रेन में नई अम्फीबियस मशीनें तैनात की हैं। उन्होंने कहा कि इन मशीनों से ड्रेनों की डी-सिल्टिंग, कचरा हटाने और जलकुंभी की सफाई का काम तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाएगा। इससे पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और बरसात में जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर दिल्ली जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा ड्रेन है और दिल्ली के कुल नालों से निकलने वाली लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट इसी ड्रेन के माध्यम से आती है। उन्होंने कहा कि वर्षों से जमा हुई भारी मात्रा में सिल्ट को निकालना पहले बेहद कठिन कार्य माना जाता था लेकिन अब इन आधुनिक फ्लोटिंग मशीनों के माध्यम से यह संभव हो पा रहा है। ये मशीनें ड्रेन के बीचोंबीच जाकर सिल्ट को निकाल सकती हैं, जिससे लंबे समय से जमा गाद को हटाने की प्रक्रिया तेज होगी।
उन्होंने बताया कि अनुमान के मुताबिक नजफगढ़ ड्रेन में करीब एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा है। इसे हटाने के लिए इन आधुनिक अम्फीबियस मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने और अम्फीबियस मशीनें खरीदने का भी निर्णय किया है। इनमें से एक मशीन पहले ही लाई जा चुकी थी, जबकि आज चार नई मशीनों का जलावतरण किया गया। बाकी मशीनें जल्द ही विभाग को सौंप दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अब केवल मॉनसून से पहले ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष नालों की डी-सिल्टिंग का कार्य कर रही है ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार यमुना और उनसे जुड़ी बड़ी ड्रेनों की सफाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आधुनिक मशीनों का उपयोग कर रही है ताकि यमुना को अविरल और निर्मल बनाया जा सके। साथ ही दिल्ली को स्वच्छ, सुरक्षित और जलभराव से मुक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि नजफगढ़ ड्रेन और उससे जुड़ी प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए अत्याधुनिक अम्फीबियस मशीनों का उपयोग दिल्ली सरकार के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इन आधुनिक मशीनों की मदद से वर्षों से जमा सिल्ट, कचरा और जलकुंभी को प्रभावी ढंग से हटाया जा सकेगा, जिससे ड्रेनों की जल प्रवाह क्षमता बढ़ेगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी।
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक प्रमुख वादा पंखा रोड का सौंदर्यकरण, उसे स्वच्छ और कूड़ा-मुक्त बनाना तथा पंखा रोड ड्रेन की वर्षों से लंबित सफाई कराना था। लंबे समय से इस ड्रेन की सफाई नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में स्थानीय निवासियों को जलभराव और दुर्गंध जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। सरकार बनने के बाद से ही इस वादे को पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। ड्रेन की नई दीवारों का निर्माण कराया गया है और पहले 100 दिनों के भीतर ड्रेन की प्रारंभिक सफाई और एक हिस्से का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा किया गया।
एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनों की विशेषताएं
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से ये मशीनें बडुसराय पुल, काकरोला, द्वारका, उत्तम नगर समेत कई स्थानों पर तैनात की गई हैं। सरकार का लक्ष्य इन मशीनों से साल भर ड्रेनों की डी-सिल्टिंग जारी रहे, ताकि मानसून में जलभराव की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
शॉर्ट बूम एम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 1.27 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 6 मीटर लंबा बूम, 0.20 घन मीटर बकेट क्षमता और 65 एचपी इंजन है। यह मशीन 5 मीटर चौड़े संकरे ड्रेन में भी चल सकती है और ड्रेन के अंदर ही काम करने में सक्षम है। इसमें 2.25 घन मीटर क्षमता का कचरा बिन होता है। यह मशीन सूखी, दलदली और पानी भरी परिस्थितियों में काम करते हुए सिल्ट, कचरा, मलबा, स्लज और जलकुंभी जैसी तैरती सामग्री हटाने में सक्षम है।
लॉन्ग बूम एम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 3.15 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 15 मीटर लंबा बूम, 0.50 घनमीटर बकेट क्षमता और 135 एचपी इंजन है। यह मशीन करीब 9 मीटर गहराई तक काम कर सकती है और ड्रेन के अंदर तथा जमीन दोनों पर चल सकती है। यह भी सूखी, दलदली और जलमग्न परिस्थितियों में काम करते हुए सिल्ट, कचरा, मलबा और जलकुंभी हटाने में बेहद प्रभावी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव