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भोपाल, 13 मार्च (हि.स.)। भोपाल जिले में गिरते भूजल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को पूरे भोपाल जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जिले में निजी ट्यूबवेल और बोरवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। आदेश तुरंत लागू हो गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के आदेश के अनुसार अब जिले में बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति ट्यूबवेल या नलकूप की बोरिंग नहीं कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से बोरिंग कराता है या बोरवेल मशीन जिले में प्रवेश करती है, तो संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारी मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज कर सकेंगे। उल्लंघन करने वालों पर 2 हजार रुपए जुर्माना, दो साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, बोरवेल खनन करने वाली मशीनों के जिले से गुजरने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि अवैध खनन को पूरी तरह रोका जा सके।
पिछले साल से पहले लागू हुआ प्रतिबंध
तेज गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने इस बार यह आदेश पहले ही जारी कर दिया है। पिछले वर्ष यह प्रतिबंध 7 अप्रैल को लागू किया गया था, जबकि इस बार करीब 25 दिन पहले ही आदेश जारी कर दिया गया है। यह आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेगा।
सरकारी योजनाओं को छूट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल निजी नलकूपों पर लागू होगा। सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप खनन कार्य इससे प्रभावित नहीं होंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं के लिए किसी अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
पेयजल संकट से बचाने के लिए फैसला
जिले में कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि निजी नलकूपों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले गर्मी के महीनों में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। इसी को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। कलेक्टर ने यह आदेश मध्यप्रदेश ड्रिंकिंग वॉटर कंजर्वेशन एक्ट 1986 और उसके 2002 संशोधन के तहत जारी किया है। अधिनियम की धारा 3 के तहत भोपाल जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है, जबकि धारा 6(1) के तहत निजी और अशासकीय नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे