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भागलपुर, 13 मार्च (हि.स.)। गरीबों–मजदूरों पर बढ़ते हमले, बुलडोजर राज और महिला उत्पीड़न के खिलाफ मनरेगा की पुनर्बहाली, एमएसपी और बेघर–भूमिहीनों को वास–आवास आदि के लिए स्थानीय मदोड़ा में शुक्रवार को भाकपा (माले) का प्रथम बांका प्रखंड सम्मेलन सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता बिशेश्वर पंडित, डोरिया देवी व बिशेश्वर दास वाली तीन सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की। शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर एवं दो मिनट का सामूहिक मौन रखकर शहीदों – दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए सम्मेलन शुरु हुआ। सम्मेलन का उदघाटन करते हुए भाकपा–माले के राज्य कमिटी सदस्य एसके शर्मा ने समाज की वर्तमान दशा – दिशा की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के सारे अधिकार छीने जा रहे हैं। लगातार बढ़ती भीषण महंगाई, बेरोजगारी, सरकारी खजाने की भारी लूट, भ्रष्टाचार, हत्या–बलात्कार, साम्प्रदायिक हिंसा-घृणा और राजकीय दमन, इसके शासन की चारित्रिक विशेषता बनी हुई है। गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े और इन्हीं वंचित वर्ग की महिलाएं विशेष निशाने पर है। शिक्षा–स्वास्थ्य तो दूर इनके सामान्य नागरिक होने के अधिकार तक को खतरे में डाल दिया गया हैं।
उन्होंने कहा कि वोट चोरी और सरकारी तिकड़म से चुनाव में हासिल जीत से बौराई राज्य की भाजपा–जदयू की सरकार, गरीबों–मजदूरों, दलितों–पिछड़ों के लिए मुसीबत बनी हुई है। घरों और आजीविका पर लगातार हमला किया जा रहा है। बिहार में भी बुलडोजर राज थोप देने की कोशिश की जा रही है। सम्मेलन को ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, भाकपा (माले) बांका के जिला संयोजक रामचंद्र दास, जिला लीडिंग टीम के सदस्य रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी व गुड़िया देवी, राजेंद्र यादव, शिवजी दास, बुनेल लैया, बसंत राय व सुरेश दास आदि ने संबोधित किया। प्रतिनिधि सत्र में प्रखंड संयोजक वीरबल राय ने काम – काज की रिपोर्ट पेश की,जिसपर बहस में कई प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और महत्पूर्ण सलाह – सुझाव रखा। सुझाव को स्वीकार किए जाने के बाद सम्मेलन ने रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके बाद सम्मेलन के पर्यवेक्षक रणवीर कुशवाहा ने अगले सत्र तक लिए प्रखंड कमिटी का चुनाव विधिवत सम्पन्न कराया। सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय प्रखंड कमिटी का चुनाव किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर