Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

कठुआ, 12 मार्च (हि.स.)। ढाई दिन के वेतन सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने जीएमसी कठुआ परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रतीकात्मक कामकाज बंद रखा, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। फेडरेशन के अध्यक्ष नीरज मलागर ने चीफ अकाउंट ऑफिसर से सीधे सवाल करते हुए कहा कि जिस आदेश के तहत कर्मचारियों की ढाई दिन की सैलरी रोकी गई है, वह आदेश कर्मचारियों को दिखाया जाए। उन्होंने बताया कि बीते जनवरी महीने में एक आदेश जारी कर सफाई कर्मियों, लैब टेक्नीशियन और ड्राइवरों की ढाई दिन की सैलरी बंद करने का फैसला लिया गया, जबकि इन कर्मचारियों से पूरे महीने काम लिया जाता है और कई बार 24 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई कर्मी दिन-रात काम करते हैं। अगर अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठीक न रहे तो कई तरह की बीमारियां फैल सकती हैं। इसी तरह अस्पताल के ड्राइवरों को भी आधी रात को इमरजेंसी मरीजों को जम्मू या अन्य स्थानों पर ले जाने के लिए बुलाया जाता है। ऐसे में ढाई दिन का वेतन रोकना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
नीरज मलागर ने बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू के कठुआ दौरे के दौरान कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की थी। मंत्री ने इस मसले को जल्द हल करने का आश्वासन देते हुए कहा है कि इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है और कर्मचारियों के हित में फैसला लिया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जल शक्ति और बिजली विभाग जैसे अन्य आवश्यक सेवाओं वाले विभागों में ढाई दिन का वेतन दिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि ढाई दिन की सैलरी बहाल नहीं की गई और सर्विस रूल लागू नहीं किए गए तो उन्हें मजबूर होकर भूख हड़ताल और मरण व्रत का रास्ता अपनाना पड़ेगा। वहीं कुछ सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अस्पताल में सफाई कार्य और पोस्टमार्टम में सहयोग भी बंद कर सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया