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पटना, 28 फरवरी (हि.स.)। देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की 63वीं पुण्यतिथि पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हुए शत्-शत् नमन किया। इस अवसर पर बिहार की राजधानी पटना स्थित महाप्रयाण घाट (बांस घाट) में उनकी समाधि स्थल पर मुख्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की समाधि पर पुष्प-चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाधि की परिक्रमा कर राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से बिहार लोक भवन सचिवालय के अपर सचिव ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की ओर से पटना के जिला दंडाधिकारी तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से पटना प्रमंडल के आयुक्त ने देशरत्न की समाधि पर पुष्प-चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद एवं जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, विधायक श्याम रजक, पूर्व विधायक अरुण कुमार सिन्हा तथा राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने देशरत्न की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम, संविधान निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारतीय लोकतंत्र के ऐसे महान व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने सादगी, त्याग और राष्ट्रसेवा की मिसाल कायम की और स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में देश को मजबूत लोकतांत्रिक दिशा प्रदान की।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी