आधुनिकीकरण की धुन में खो रही फागुन की गूंज, गांवों से गायब हो रहे पारंपरिक होली गीत
सुपौल, 26 फ़रवरी (हि.स.)। कभी गांवों की चौपालों पर गूंजने वाले पारंपरिक फाग गीत, जोगीरा और नगाड़ों की थाप अब धीरे-धीरे इतिहास बनते जा रहे हैं। उनकी जगह आधुनिक डीजे और तेज लाउडस्पीकर ने ले ली है। बदलती जीवनशैली और आधुनिकीकरण की तेज रफ्तार ने होली के
Invalid email address
संपर्क करें
हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी एम-6, भगत सिंह मार्केट, गोल मार्केट, नई दिल्ली- 110001